ब्लिट्ज ब्यूरो
बि्रटिश काल के दौरान विकसित किए गए लोधी गार्डन ने अपने ऐतिहासिक 90 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 80 एकड़ में फैला लोधी उद्यान परिसर लोधी रोड अमृता शेरगिल मार्ग और मैक्स मुलर मार्ग के बीच स्थित है।
यहां सबसे महत्वपूर्ण निर्माण बड़ा मुंबद और शोश गुंबद, सिकंदर लोधी के शासनकाल के दौरान किए गए थे।
इसके ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कारण गार्डन का नाम बदलकर ‘लोधी गार्डन’ रख दिया गया था। जानकारी के मुताबिक 9 अप्रैल, 1936 को लेडी विलिंगडन ने उद्घाटन किया गया था। शुरू में इस पार्क का नाम ‘लेडी विलिंगटन पार्क रखा गया था। वर्ष 1968 में जाने-माने वास्तुकार जेए स्टीन द्वारा इसका और अधिक विकास व सौंदर्यीकरण कार्य किया गया था। इसमें 300 मीटर लंबी और 3.3 मीटर गहरी झील विकसित को गई, जिसके बीच में एक फव्वारा भी है। यह अब युवाओं को सबसे पसंदीदा घूमने की जगहों में शुमार है।
यहां लोग सुबह-शाम सैर करते हुए नजर आते हैं। यही नहीं, लोग साप्ताहिक अवकाश में यहां पिकनिक मनहने भी आते हैं। इसके इसके साथ ही दूर-दूर से लोग यहां सुबह और शाम के समय और करने आते हैं।
खास बातें
इसमें दिल्ली सल्तनत काल (सैयद और लोधी कुश) के महत्वपूर्ण स्मारक हैं।
यहां 40 प्रजातियों के फूल, बांस उद्यान, हर्बल गार्डन, हिलाली क्षेत्र हैं।
कई प्रजाति के हैं पेड़
यहां इंडियन बोन्साई सोसिएशन के सहयोग से एक राष्ट्रीय बोन्साई पार्क विकसित किया गया है। जानकारी के मुताबिक यहां 210 किस्मों के करीब छह हजार से अधिक अमलतास, पीपल और बरगद शामिल हैं। वहीं, लोधी गार्डन में लगभग 30 से अधिक प्रजाति के पक्षियों का भी बसेरा है। इसमें तोता, कोयल जैसी प्रजातियां शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य किस्म के पेड़ भी इस गार्डन में है।













