ब्लिट्ज ब्यूरो
न्यूयॉर्क। अमेरिका में पढ़ाई का सपना देख रहे विदेशी छात्रों की राह मुश्किल होने जा रही है। अमेरिका जल्द ही ऐसा कानून लाने जा रहा है जो स्टूडेंट वीजा के नियम पूरी तरह बदल सकता है। इससे विदेशी छात्र चार साल तक ही पढ़ाई कर सकेंगे। इसके बाद उसे अमेरिका में रुकने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका ने अपने वीजा नियमों को पहले से और सख्त कर दिया है।
पहले बिना रोक-टोक के रहते थे छात्र : अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) के एक नीतिगत प्रस्ताव पर अमेरिका में विद्यार्थियों, अध्यापक और अन्य लोगों की राय ली जा रही है और इसे जल्दी लागू किया जाएगा। अगर यह लागू हो जाता है तो इससे छात्र वीजा के नियम पूरी तरह से बदल जाएंगे।
गौरतलब है कि अभी तक विदेशी छात्र अमेरिका में ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस (डी/एस) के तहत अपनी पढ़ाई पूरी होने तक अमेरिका में बिना किसी रोक-टोक के रह सकते थे। लेकिन अब इसे चार साल की सख्त समय सीमा में बांधने की तैयारी है। हालांकि, नए नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर अमेरिका में छात्र अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। अगर कोर्स चार साल में पूरा नहीं होता, तो छात्र को बहुत सारी कागजी कार्रवाई, अतिरिक्त खर्च और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि नए नियमों से राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ेगी और वीजा के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी।
कोर्स पूरा नहीं करने पर छात्रों को ये करना होगा-
वर्तमान व्यवस्था (डी/एस) के विपरीत जहां यूनिवर्सिटी ही आपका स्टेटस अपडेट कर देती थी। अब छात्र को सीधे अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा से एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा।
2 एक्सटेंशन मांगते समय छात्र को यह साबित करना होगा कि उसकी पढ़ाई में देरी क्यों हुई। इसके लिए उसे रिसर्च में ज्यादा समय लगना या किसी मेडिकल के कारण पढ़ाई रुकना जैसे कारण देने होंगे।
3 कॉलेज या यूनिवर्सिटी से लिखित में देना होगा कि छात्र को डिग्री पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
4 छात्र को एक्सटेंशन आवेदन के साथ फिर से प्रोसेसिंग फीस भरनी होगी। उसे फिर से अंगुलियों के निशान देने के लिए बुलाया जा सकता है।
5 अगर छात्र जानबूझकर पढ़ाई में देरी कर रहा है या उसका कारण पर्याप्त नहीं है, तो आवेदन निरस्त हो सकता है।













