ब्लिट्ज ब्यूरो
टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची जुलाई की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकती हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। इस दौरान वह असम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकती हैं। असम की राजधानी गुवाहाटी में भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा। दोनों नेता आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। इस दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे पर खास तौर पर ध्यान दिया जाएगा। भारत अपनी समुद्री शक्ति को बढ़ाने के लिए जापान के मोगामी क्लास युद्धपोतों की भी खरीद कर सकता है।
जापानी पीएम से असम में क्यों मिलेंगे पीएम मोदी?
जापान के लिए असम काफी अहमियत रखता है। असम एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर उभर रहा है, जहां अभी एक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर काम चल रहा है। जापान और असम के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध बहुत गहरे और तेजी से विकसित हो रहे हैं। जापान भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत असम के विकास में एक प्रमुख भागीदार है। इससे पहले पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे भी दिसंबर 2019 में असम का दौरा करने वाले थे, जो नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण रद्द कर दिया गया था।
भारत-जापान संंबंधों को मजबूत करने पर जोर
टीवी असाही की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय और जापानी प्रधानमंत्रियों की यह मुलाकात नवंबर में जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई उनकी पिछली बातचीत के बाद होगी, जहां दोनों पक्षों ने गहरे रणनीतिक तालमेल के संकेत दिए थे। ताकाइची का भारत दौरा अभी तक पक्क ा नहीं हुआ है। उम्मीद है कि वे अपने शेड्यूल के आधार पर ही अंतिम फैसला लेंगी। उनके शेड्यूल में 7-8 जुलाई को तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना और जापानी संसद से जुड़े उनके अन्य काम शामिल हैं।
मोगामी क्लास युद्धपोत
मोगामी क्लास युद्धपोत जापान के अत्यधिक उन्नत और मल्टी-मिशन स्टील्थ फ्रिगेट हैं। इसका इस्तेमाल जापानी नौसेना करती है।
हाल ही में जापान ने भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य मित्र देशों को इसका ऑफर दिया है। इसमें डिजाइन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का ऑफर भी शामिल है।
भारत में मोगामी क्लास युद्धपोतों की डिजाइन और दूसरे वेपन सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए इसे ब्रह्मोस मिसाइल से लैस करने पर चर्चा की जा रही है।
मोगामी क्लास के जहाजों का निर्माण मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज और मित्सुई इंजीनियरिंग एंड शिपबिल्डिंग करते हैं।
इनकी लंबाई लगभग 132.5 मीटर है और ये अधिकतम 30 समुद्री मील (56 किमी/घंटा) की रफ्तार से चल सकते हैं।
ये युद्धपोत एंटी-शिप और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों, टारपीडो और एंटी सबमरीन सिस्टम से लैस होते हैं।













