ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। हर दिन दुनिया भर में अरबों गीगाबाइट डेटा तैयार हो रहा है, जिसे समझने और उसके आधार पर बेहतर निर्णय लेने के लिए डेटा साइंस विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य, बैंकिंग, ई-कॉमर्स, शिक्षा और सरकारी सेवाओं से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, हर क्षेत्र में डेटा साइंस पेशेवरों के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल बाजारों में शामिल हो चुका है। डिजिटल ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग ने डेटा साइंस को सबसे आकर्षक करियर विकल्पों में शामिल कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर और डेटा एनालिस्ट जैसी प्रोफाइल्स की मांग कई गुना बढ़ेगी, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
डेटा साइंस एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें बड़े पैमाने पर उपलब्ध डेटा का विश्लेषण कर उपयोगी निष्कर्ष निकाले जाते हैं। इसमें गणित, सांख्यिकी, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और विजनेस समझ का उपयोग करके डेटा को व्यवस्थित किया जाता है और उससे भविष्य की रणनीतियां तैयार की जाती हैं। सरल शब्दों में कहें तो डेटा साइंस का उद्देश्य डेटा को ऐसी जानकारी में बदलना है जो किसी संगठन या व्यवसाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करे। आज कंपनियां ग्राहकों की पसंद, बाजार के रुझान, बिक्री के आंकड़े और उपभोक्ता व्यवहार को समझने के लिए डेटा साइंस का व्यापक उपयोग कर रही हैं। यही कारण है कि यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।
डेटा साइंस में करियर बनाने के लिए कई तरह के शैक्षणिक और व्यावसायिक कोर्स उपलब्ध हैं। छात्र 12वीं के बाद बीएससी डेटा साइंस, बीटेक इन डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस या स्टैटिस्टिक्स जैसे कोर्स चुन सकते हैं। स्नातक के बाद एमएससी डेटा साइंस, एमटेक, एमबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स या पीजी डिप्लोमा जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। इसके अलावा कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और संस्थान डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विग डेटा एनालिटिक्स और पाइथन प्रोग्रामिंग से जुड़े सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित कर रहे हैं। ये कोर्स विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को कम समय में उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद करते हैं।
जरूरी स्किल्स
डेटा साइंस में सफलता के लिए केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं होती। छात्रों को कुछ तकनीकी और विश्लेषणात्मक कौशल भी विकसित करने होते हैं। इनमें पाइथन, आर प्रोग्रामिंग, एसक्यूएल, मशीन लर्निंग, डेटा विजुअलाइजेशन, सांख्यिकी और क्लाउड कंप्यूटिंग प्रमुख हैं। इसके साथ ही समस्या समाधान क्षमता, तार्किक सोच, संचार कौशल और बिजनेस समझ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कंपनियां ऐसे पेशेवरों को प्राथमिकता देती हैं जो डेटा का विश्लेषण करने के साथ उसके आधार पर प्रभावी सुझाव भी दे सकें।













