ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना एजीएम बैठक में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का आईपीओ भी लाने जा रही है।
अंबानी ने बताया कि इसके लिए सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (डीआरएचपी) जमा कर दिए गए हैं। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और आईपीओ के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा। मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वनतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है।
रिलायंस एजीएम में 5 बड़े कदमों का एलान
जियो का आईपीओ आएगा, सेबी में पेपर्स दाखिल: जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ को मंजूरी दे दी है। आईपीओ के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे।
2030 तक सभी ग्राहकों को 5जी पर लाने का टारगेट: जियो पूरे देश में 5जी नेटवर्क का विस्तार करेगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सभी ग्राहकों को 5जी सेवा से जोड़ना है। 6जी तकनीक पर भी काम किया जाएगा।
जियो भारतीय भाषाओं में एआई बनाएगा: जियो भारतीय भाषाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित कर रहा है। एआई को आम लोगों के लिए आसान और सस्ता बनाया जाएगा।
घर-घर हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जाएगा: जियो एयरफाइबर और ब्रॉडबैंड सेवाओं का तेजी से विस्तार करेगा। कंपनी का फोकस ज्यादा से ज्यादा घरों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने पर है।
जियो की तकनीक विदेशों में जाएगी: जियो अपनी 5जी, एआई और डिजिटल तकनीक दूसरे देशों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।












