ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बिहार सरकार ने नये डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। चयनित कॉलेजों में 16 विषयों की पढ़ाई होगी। इनमें 15 विषयों में दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जबकि एक विषय में एक ही शिक्षक होंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश निर्गत कर दिया है। इस पर 938 करोड़ रुपए का सालाना बोझ पड़ेगा। शीघ्र ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस समय 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है। इन प्रखंडों में फिलहाल कोई डिग्री कॉलेज नहीं है। सरकार ने डिग्री कॉलेज रहित प्रखंडों में कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था। इसके बाद इन कॉलेजों में नये सिरे से शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गयी है। राज्य मंत्रिपरिषद पहले ही इस प्रस्ताव को अपनी सहमति प्रदान कर चुका है।
इसके तहत नये डिग्री कॉलेजों में 9152 पदों के सृजन को मंजूरी दी गयी है। इनमें शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी दोनों शामिल हैं। इन 208 नये डिग्री कॉलेजों में 6656 शिक्षकों की नियुक्ति होगी। हर कॉलेज में 32-32 शिक्षक नियुक्त होंगे। इनमें एक प्रधानाचार्य के अलावा 16 अलग-अलग विषयों के 31 शिक्षक होंगे। इनमें हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, भूगोल, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, प्राणी विज्ञान, वाणिज्य में दो-दो जबकि पर्यावरण विज्ञान विषय में एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी।
इसी तरह सभी कॉलेजों में 2496 शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्त की जाएगी। प्रत्येक कॉलेज में 12-12 शिक्षकेतर कर्मी होंगे। इनमें उच्च वर्गीय लिपिक के एक पद, निम्न वर्गीय लिपिक के तीन पद, सहायक पुस्तकाध्यक्ष के एक पद के अलावा सात लैब इंचार्ज के पद हैं।
भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, मनोविज्ञान, भूगोल और गृह विज्ञान में एक-एक लैब इंचार्ज नियुक्त होंगे।













