ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। ब्रिटेन में पढ़ने की प्लानिंग कर रहे भारतीय छात्रों के लिए गुड न्यूज है। यहां की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी भारतीयों को ‘पोस्टग्रेजुएट चांसलर स्कॉलरशिप’ दे रही है, जिसके लिए एप्लिकेशन प्रोसेस की शुरुआत हो चुकी है। ये स्कॉलरशिप मास्टर्स करने के लिए मिलेगी। स्कॉलरशिप के तहत 10 हजार पाउंड (लगभग 12.29 लाख रुपये) दिए जाएंगे, जिसका इस्तेमाल ट्यूशन फीस देने के लिए किया जा सकता है। ये स्कॉलरशिप सिर्फ सितंबर 2026 इनटेक के लिए दी जा रही है।
बर्मिंघम यूनिवर्सिटी प्रतिष्ठित रसेल ग्रुप का हिस्सा है, जिसमें कई नामी ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। यूनिवर्सिटी का मकसद प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों को अपने यहां पढ़ने का मौका देना है। स्कॉलरशिप इसलिए दी जा रही है, ताकि इन छात्रों के लिए ब्रिटिश एजुकेशन किफायती और पहुंच के दायरे में आ सके। स्कॉलरशिप को इस तरह डिजाइन किया गया है, ताकि स्टूडेंट्स को महंगी पढ़ाई से निपटने और मौजूदा जॉब मार्केट के लिए जरूरी स्किल सीखने में मदद मिल पाए।
स्कॉलरशिप लॉन्च होने के दौरान इस पर बात करते हुए बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के डिप्टी प्रो-वाइस चांसलर (भारत) प्रोफेसर मार्क ली ने जोर दिया कि भारतीय छात्र ब्रिटिश कैंपस में जरूरी वैल्यू जोड़ते हैं। उन्होंने कहा, ‘भारतीय छात्र असाधारण महत्वाकांक्षा, दृढ़ता और जिज्ञासा लेकर हमारे कैंपस में आते हैं। ये स्कॉलरशिप उन्हें ग्लोबल अवसरों की ओर बढ़ने में मदद देने के लिए बनाई गई है, जिससे उन्हें ऐसी स्किल और आत्मविश्वास हासिल करने में सहायता मिलेगी, जो उनके करियर को सशक्त बनाएगा।’
किन शर्तों पर मिलेगी स्कॉलरशिप?
स्कॉलरशिप हासिल करने के लिए छात्र का भारतीय होना जरूरी है। उसे यूनिवर्सिटी के बर्मिंघम कैंपस में मास्टर्स प्रोग्राम में एडमिशन मिला होना चाहिए। इसका मतलब है कि उसके पास यूनिवर्सिटी से मिला एडमिशन ऑफर लेटर हो। स्टूडेंट ने जरूरी जमा राशि का भुगतान कर दिया हो और वह इस बात को साबित करने में सक्षम हो कि वह बाकी की बची राशि और पढ़ाई का खर्च उठाने के काबिल है। अभी एप्लिकेशन जारी हैं। स्कॉलरशिप से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाएं।

























