ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात की। इस बातचीत में भारत और चीन के बीच स्थिर, भरोसेमंद और संतुलित संबंधों पर फोकस किया गया। वांग यी ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे। बैठक के दौरान डोभाल और वांग यी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास की स्थिति की भी समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की और संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में धीरे-धीरे प्रगति हो रही है।
डोभाल ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थिर और सकारात्मक संबंध दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने और एक-दूसरे को बेहतर समझने में मदद करते हैं। जायसवाल ने कहा कि डोभाल और वांग यी के बीच हुई बातचीत रचनात्मक रही और भविष्य को ध्यान में रखकर की गई।
बैठक में भारतीय पक्ष की ओर से कौन-कौन शामिल हुए?
भारतीय पक्ष की ओर से इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारत के चीन में राजदूत विक्रम दुरईस्वामी और लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
ब्रिक्स समूह की मेजबानी कर रहा भारत
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है और उसने राष्ट्रीय राजधानी में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की मेजबानी की। यह चर्चा इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली और बीजिंग दोनों ही पिछले कुछ वर्षों के तनाव के बाद अपने संबंधों को स्थिर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सीमा पर झड़प के बाद आ गया था तनाव
साल 2020 में सीमा पर हुई झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में काफी तनाव आ गया था। इसके बाद कई वर्षों तक सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर तनाव बना रहा। हालांकि, 2024 में दोनों देशों ने तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ाए।












