ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12वीं के छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने घोषणा की है कि कक्षा 12वीं के छात्र अब अपनी मुख्य बोर्ड परीक्षा के ठीक बाद आयोजित होने वाली ‘सप्लीमेंट्री’ (पूरक) परीक्षा में किसी भी एक विषय में अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए शामिल हो सकते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि कई मेधावी छात्र किसी कारणवश एक विषय में उतने अच्छे अंक नहीं ला पाते, जितनी उन्होंने उम्मीद की होती है। पहले ऐसे छात्रों को अपने अंकों में सुधार (इम्प्रूवमेंट)) के लिए अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा का इंतजार करना पड़ता था।
अब नए नियमों के तहत, यदि कोई छात्र अपनी मुख्य परीक्षा के परिणामों से संतुष्ट नहीं है, तो वह उसी वर्ष आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठ सकता है। यह विकल्प उन छात्रों के लिए भी उपलब्ध है जो मुख्य परीक्षा में पास तो हो गए हैं, लेकिन अपने प्रतिशत को बढ़ाना चाहते हैं।
सीबीएसई का यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुरूप है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, इस कदम से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा के लिए न्यूनतम अंकों की पात्रता पूरी करना चाहते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया
जैसे ही मुख्य बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होंगे, सीबीएसई अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन लिंक एक्टिव कर देगा। छात्रों को अपने स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
यह निर्णय छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक है। एक विषय में कम अंक आने के डर से छात्र अब अत्यधिक दबाव महसूस नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें पता होगा कि उनके पास सुधार का एक तत्काल अवसर मौजूद है।
























