ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। पैर में चोट के चलते खेलों से दूर हुई सीआईएसएफ की सब इंस्पेक्टर गीता समोटा ने 8,849 मीटर (29,032 फीट) ऊंचे माउंट एवरेस्ट को फतेह कर इतिहास रच दिया। वह ऐसा करने वाली सीआईएसएफ की पहली अधिकारी बनी हैं।
सीआईएसएफ के मुख्य प्रवक्ता अजय दहिया ने बताया कि राजस्थान के सीकर जिले के छोटे से चक गांव की रहने वाली गीता का पालन-पोषण पारंपरिक ग्रामीण परिवेश में हुआ। गीता को शुरू से ही खेलों में विशेष रुचि थी। कॉलेज में वह हॉकी खिलाड़ी थी, मगर
चोट ने उनके खेल क्षेत्र में भविष्य को बीच राह रोक दिया। इस झटके ने गीता को एक नई दिशा की ओर मोड़ दिया। वर्ष 2011 में गीता सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुईं। यहां आने पर उन्होंने देखा कि पर्वतारोहण एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे बल में बहुत कम लोग जानते थे। वर्ष 2015 में गीता को औली स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) प्रशिक्षण संस्थान में छह सप्ताह के बुनियादी पर्वतारोहण पाठ्यक्रम के लिए चयनित किया गया। उन्होंने वर्ष 2017 में उन्नत पर्वतारोहण प्रशिक्षण पूरा किया।
कोविड-19 की चुनौतियों के बावजूद गीता समोटा ने हिम्मत नहीं हारी। साल 2021 और साल 2022 के बीच उन्होंने चार बड़ी चोटियों पर चढ़ाई की। इनमें रूस की माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर), ऑस्ट्रेलिया की माउंट कोसियस्जको (2.228 मीटर), अर्जेंटीना की माउंट एकॉनकागुआ (6,961 मीटर) और तंजानिया की माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) शामिल थीं।
कई अवॉर्ड से सम्मानित
गीता को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पुरस्कार 2023 और सिविल एविएशन मंत्रालय द्वारा ‘गिविंग विंग्स टू ड्रीम्स’ अवॉर्ड 2023 शामिल है।

























