ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्लावासियों को 51 और नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सौगात मिली है। दिल्ली के अलग-अलग मंत्रियों ने विभिन्न इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इससे इनकी संख्या एक वर्ष में 370 पहुंच गई है। अभी तक 14 लाख से ज्यादा लोग स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली स्थित फतेहपुर बेरी गांव से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर सुलभ और किफायती उपचार उपलब्ध हो। दिल्ली सरकार स्वास्थ्य को खर्च नहीं बल्कि निवेश मानती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल इलाज का केंद्र नहीं बल्कि रोकथाम, जागरूकता और विश्वास का केंद्र हैं। सरकार जल्द ही 1100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने के लक्ष्य को भी पूरा करेगी।
जनकपुरी में जल्द होगी मोबाइल डिस्पेंसरी
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्द्घाटन किया। उन्होंने जनकपुरी में मोबाइल डिस्पेंसरी चलाने की घोषणा भी की। वहीं दिल्ली सरकार के समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने पूठ कलां में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया।
मैटरनिटी वार्ड भी
उधर, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने मादीपुर में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्घाटन किया। मादीपुर में खुले नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर में समर्पित मैटरनिटी वार्ड भी बनाया गया है जो दिल्ली के अन्य आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विस्तार के लिए एक मॉडल का काम करेगा।
80 तरह की जांच हो रही निशुल्क
आरोग्य मंदिरों से लोगों को अपने ही क्षेत्र में व्यापक और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। यहां लगभग 80 प्रकार की निशुल्क जांच, आवश्यक दवाइयों की मुफ्त उपलब्धता, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं और कैंसर स्क्रीनिंग उपलब्ध है। साथ ही टीकाकरण सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कक्ष, बुजुर्गों की देखभाल और गैर-संचारी रोगों की जांच जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
एकीकृत स्वास्थ्य सुविधा पर हो रहा काम
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली के सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल ढांचे की और ज्यादा मजबूत करने और प्राइमरी से लेकर एडवांस्ड इलाज की सुविधाओं तक एक इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर बनाने के लिए इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज और क्रिटिकल केयर ब्लॉक को भी विकसित किया जा रहा है।
























