ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया जिसमें विकास, पर्यावरण और शहरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में 74,000 करोड़ टैक्स राजस्व और 900 करोड़ नॉन-टैक्स राजस्व से आने का अनुमान है, जबकि शेष राशि केंद्र सरकार की मदद, बाजार से लिए जाने वाले लोन और ओपनिंग बैलेंस से जुटाई जाएगी।
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली में डार्क स्पॉट पर नई लाइट लगाई जाएंगी। कहीं लाइट खराब होगी तो तुरंत पता लगेगा। इसके लिए 50 करोड़ का फंड रखा गया है। सरकार ने कुल 225 करोड़ का फंड रखा है जिसमें 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और उनकी देखरेख होगी। दिल्ली में एक हजार बहनों को ई-ऑटो का परमिट देंगे और 100 परमिट किन्नरों को देंगे। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए हर साल ढाई करोड़ सेनेट्री नैपकिन वितरित किए जाएंगे।
सीएम रेखा गुप्ता ने एलान किया कि दिल्ली में गिग वर्कर्स के लिए अटल कैंटीन के साथ जोड़कर रेस्ट रूम बनाए जाएंगे। गिग वेलफेयर बोर्ड का गठन होगा। ट्रांसजेंडर और ऑटो वेलफेयर बोर्ड भी बनाए जाएंगे।
- एक हजार बहनों को देंगे ई-ऑटो का परमिट
- ‘दिल्ली लखपति बिटिया’ योजना की घोषणा
- सरकारी स्कूलों की छात्राओं को हर साल ढाई करोड़ सेनेट्री नैपकिन
- 9वीं की सभी बच्चियों को मुफ्त साइकिल
- हुनरमंद महिलाओं के लिए बनेगा ‘रानी हाट’
- 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
- टैंकर व्यवस्था को खत्म किया जाएगा
- गिग वर्कर्स के लिए अटल कैंटीन के साथ जोड़कर रेस्ट रूम
- पूरे बजट का 21 प्रतिशत ‘ग्रीन बजट’ के लिए रखा
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में हुनरमंद महिलाओं के लिए महिला हाट खोलने जा रहे हैं, जिसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका नाम ‘रानी हाट’ होगा।
लाडली योजना में कोई जवाबदेही नहीं थी। इसकी जगह सरकार पारदर्शिता के साथ ‘दिल्ली लखपति बिटिया’ योजना लाई है। बच्ची के जन्म होने से ग्रेजुएशन तक उसके बैंक खाते में रुपये डाले जाएंगे। उसे 1.20 लाख रुपये अंत में मिलेंगे।
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना में ‘ट्रांसजेंडर’
दिल्ली के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 12,645 करोड़ रुपये और नए 750 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। ‘ट्रांसजेंडर’ को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के दायरे में लाने के लिए 202 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
दिल्ली बजट में और क्या खास?
रेखा गुप्ता ने बताया कि 9वीं क्लास में पढ़ने वाली सभी बच्चियों को सरकार मुफ्त साइकिल देगी।
10वी कक्षा में मेरिट में आने वाले में छात्रों के लिए लैपटॉप दिया जाएगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है।
सीएम ने कहा कि रियल टाइम वेंटिलेटर वैकेंसी सिस्टम बनाएंगे। अस्पताल जाने पर कई बार पता चलता है कि आइसीयू नहीं है।
सीएम ने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने दिल्ली की जरूरतों को समझते हुए हमने कुछ विशेष प्रयास किए हैं। इस बार हमने दिल्ली का बजट ‘ग्रीन बजट’ के तौर पर पेश किया है। हमने हर प्लान को ‘ग्रीन लेंस’ से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण, हर योजना में प्रकृति और हर फैसले में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता है इसीलिए हमने पूरे बजट का 21% ‘ग्रीन बजट’ के लिए रखा है जो पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए खर्च किया जाएगा। यह बजट सरकार की सोच में एक ऐतिहासिक बदलाव है, जहां विकास और धरती की सुरक्षा के बीच बैलेंस बनाया गया है। यह आज की सबसे बड़ी जरूरत है।’
जेनेटिक बीमारियों के लिए ‘अनमोल’ योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा कि जब कोई बच्चा घर में जन्म लेता है तो वह परिवार के लिए अनमोल होता है। बच्चे में कई बार जेनेटिक बीमारी होती है, लेकिन इसका पता बाद में चलता है। बच्चा परिवार पर बोझ बन जाता है। इसलिए सरकार विशेष योजना ‘अनमोल’ लेकर आई है। सरकार ने 25 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह 56 टेस्ट सरकार करवाएगी ताकि समय रहते बच्चे की बीमारी का पता चल सके।
दिल्ली में टैंकर व्यवस्था को खत्म किया जाएगा
दिल्ली में पानी की बर्बादी को रोकेंगे। टैंकर व्यवस्था को खत्म किया जाएगा। चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 475 करोड़ का प्रावधान किया है। दिल्ली में सीवेज सिस्टम में 700 एमजीडी की क्षमता है, जिसे 1500 एमजीडी करने का लक्ष्य रखा गया है।
दमकल विभाग को 674 करोड़ रुपये आवंटित
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पालम में आग की घटना बेहद दुखद है। दिल्ली में इस तरह से मकान बने हैं कि आग लगने पर बचना मुश्किल हो जाता है। इसलिए दमकल को मजबूत करना आवश्यक है। दमकल विभाग को 674 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे नए दमकल केंद्र बनेंगे और अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।
दिल्ली को 24 घंटे बिजली सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए 3942 करोड़ का बजट दिया जाएगा। बिजली तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह बजट विकास, हरित पहल और शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक संतुलित प्रयास माना जा रहा है।
ग्रीन बजट पर दिल्ली सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हम पिछले लगभग 30 साल से वायु प्रदूषण से लड़ाई लड़ रहे हैं और सभी सरकारें इसमें नाकाम रही हैं। पिछली सरकार झूठे वादे और बातें करती रही। उन्होंने कहा, ‘इस बार दिल्ली का बजट ‘ग्रीन बजट’ रखा गया है। दिल्ली के पर्यावरण को बचाने वाला और साफ हवा देने वाला बजट है। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस विजन के लिए धन्यवाद करता हूं।’
किस सेक्टर को क्या मिला?
नगर निगम (एमसीडी) को 11,666 करोड़ का बड़ा आवंटन दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के लिए ₹5,921 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। •शहरी विकास के लिए 7,887 करोड़, यमुना विकास बोर्ड के लिए ₹300 करोड़
कच्ची कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को 787 करोड़ और विकास विभाग को 960 करोड़ दिए जाएंगे।
राजधानी में सड़कों के विकास को गति देने के लिए 750 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 1,392 करोड़ और अतिरिक्त 1,000 करोड़ का अलग प्रावधान रखा गया है।
ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए 500 करोड़ से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है।
विधायकों के लिए 350 करोड़ का फंड भी तय किया गया है।
बजट में गैर-अनुरूप क्षेत्रों (नॉन-कन्फर्मिंग एरिया) के विकास के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।













