ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। 25 साल की कशिश चौधरी को पाकिस्तान के बलूचिस्तान में असिस्टेंट कमिश्नर नियुक्त किया गया है। ऐसी उपलब्धि पाने वाली वो पहली पाकिस्तानी हिंदू महिला हैं। वो बलूचिस्तान के चागाई जिले के नोशकी की रहने वाली हैं। उन्होंने बलूचिस्तान पब्लिक सर्विस कमीशन एग्जाम क्लियर किया है।
कशिश अपने पिता गिरधारी लाल के साथ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती से मिलने क्वेटा पहुंचीं। यहां कशिश ने बताया कि वो महिलाओं और समाज के हाशिए पर पड़े समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगी।
कशिश के पिता गिरधारी लाल मिड-लेवल ट्रेडर हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए ये बड़े ही गर्व की बात है कि मेरी बेटी अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर असिस्टेंट कमिश्नर बन गई है।’ वो कहते हैं कि कशिश हमेशा से ही पढ़-लिखकर अपने समुदाय और महिलाओं के लिए कुछ करना चाहती थी।
वहीं बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी कशिश की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘कशिश पूरे देश और बलूचिस्तान के लिए गर्व की निशानी हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग जब अपनी मेहनत के बल पर जरूरी पदों तक पहुंचते हैं तो हमेशा ही हमें गर्व का अनुभव होता है।’
कशिश और उनके जैसी कई कहानियां उम्मीद देती हैं लेकिन जमीनी हकीकत बहुत ज्यादा बदली नहीं है। खासतौर पर सिंध इलाके में जहां ज्यादातर आबादी हिंदुओं की है। सिंध के एक नेता रमेश कुमार वंकवानी कहते हैं कि शिक्षा को लेकर अब हिंदू लड़कियां जागरूक हो रही हैं।
वंकवानी ने कहा, ‘लड़कियां बहुत अच्छा कर रही हैं। सिंध में अब लड़कियां डॉक्टर्स हैं, सिविल सर्वेंट और पुलिस ऑफिसर्स भी हैं।’
– 25 साल की कशिश चौधरी को मिला पद
– बोलीं, महिलाओं के हित के लिए करूंगी काम













