पार्थ नादपारा
नई दिल्ली। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप का एयरोस्पेस बिजनेस, एडवांस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ग्लोबल लीडर्स के साथ पार्टनरशिप के जरिए भारत की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ा रहा है। एक एयरो-इंजन के सभी मॉड्यूल बनाने में सक्षम एकमात्र प्राइवेट भारतीय कंपनी होने के नाते, गोदरेज ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। 1980 के दशक में शुरू हुआ यह बिजनेस, अब ग्लोबल एयरोस्पेस इकोसिस्टम में एक अहम खिलाड़ी बन गया है। इसकी पार्टनरशिप बोइंग और रोल्स रॉयस जैसी बड़ी ओईएम कंपनियों के साथ है, जिनकी खासियत है – ज़ीरो-डिफेक्ट क्वालिटी और लगातार डिलीवरी।
निवेश से मिली ग्रोथ की रफ़्तार
इस बिज़नेस में लगभग 25 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ देखी गई है, और एक्सपोर्ट में 30 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इनोवेशन और ग्रोथ को और बढ़ाने के लिए, कंपनी आर एंड डी और एडवांस्ड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी में लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। महाराष्ट्र के खालापुर में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट इस विस्तार में मदद करेगी। अपने मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल टैलेंट पूल की वजह से, यह इलाका एक अहम एयरोस्पेस सप्लाई चेन हब के तौर पर उभरेगा।
ग्लोबल एयरोस्पेस वैल्यू चेन के लिए क्षमता निर्माण
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के एयरोस्पेस बिजनेस के बिज़नेस हेड, मानिक बहरामकमदिन ने कहा, एयरो इंजन इकोसिस्टम गहरी इंजीनियरिंग क्षमता, बेजोड़ क्वालिटी, मज़बूत सप्लाई चेन और लगातार काम पूरा करने की विश्वसनीयता पर आधारित होते हैं। हमारी यह यात्रा उस भरोसे को दिखाती है जो हमने ग्लोबल ओईएम कंपनियों से हासिल किया है, और साथ ही यह एयरोस्पेस के अहम सिस्टम को स्वदेशी बनाने के प्रति हमारी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और लोगों की क्षमताओं में लगातार निवेश के साथ, गोदरेज भारत की एयरो इंजन से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और ग्लोबल एयरोस्पेस वैल्यू चेन में सार्थक योगदान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

डिज़ाइन-आधारित इंजीनियरिंग पार्टनर बनने की ओर बदलाव
गोदरेज के लिए एक अहम मील का पत्थर है एयरोस्पेस के अहम सिस्टम (जैसे कि एक्चुएटर) का स्वदेशी विकास और मैन्युफैक्चरिंग। इस उपलब्धि ने गोदरेज को भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में से एक बना दिया है जिनके पास इतनी एडवांस्ड क्षमताएं हैं। यह बदलाव कंपनी को सिर्फ़ प्रिसिजन कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी से आगे बढ़कर, एक डिज़ाइन-आधारित इंजीनियरिंग पार्टनर के तौर पर स्थापित करता है – जो अब इंटीग्रेटेड एयरोस्पेस सिस्टम उपलब्ध कराती है।
सटीक इंजीनियरिंग, एक मज़बूत गुणवत्ता संस्कृति और दीर्घकालिक क्षमता विकास के आधार पर, गोदरेज का लक्ष्य भारत की स्थिति को एक भरोसेमंद और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी एयरोस्पेस विनिर्माण भागीदार के रूप में और बेहतर बनाना है।












