ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। गोरेगांव से बोरीवली तक हार्बर रेलवे लाइन के विस्तार का रास्ता साफ हो चुका है। रेलवे के अनुसार, मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (एमयूटीपी)-3ए के तहत प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना को गति देते हुए वेस्टर्न रेलवे ने मिट्टी भराई और पुल निर्माण के कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। उपलब्ध भूमि पर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।
मिलेगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी
वर्तमान में हार्बर लाइन की सेवाएं गोरेगांव स्टेशन तक ही सीमित हैं, जिससे मालाड, कांदिवली और बोरीवली के यात्रियों को इसका सीधा लाभ नही मिल पाता है। परियोजना पूरी होने के बाद वेस्टर्न सबर्ब के यात्रियों को भी सीएसएमटी, वडाला, कुर्ला, पनवेल और नवी मुंबई तक सीधी लोकल ट्रेन सेवा उपलब्ध होगी।
898 करोड़ रुपये होगी लागत
इस परियोजना की कुल लागत 898.29 करोड़ रुपये है। इसमें सिविल कार्यों के लिए 727.64 करोड़ रुपये, इलेक्टि्रक कार्यों के लिए 88.33 करोड़ रुपये और सिग्नलिंग व दूरसंचार प्रणाली के लिए 82.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। परियोजना के तहत दो बड़े और 16 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इसके लिए चार इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार किए गए है, जिनमें अधिकांश पुलों के डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में है।
अंतिम चरण में है भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
परियोजना के लिए कुल 3,687.7 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता है। इसमें 3,389 वर्गमीटर निजी भूमि और 298.7 वर्गमीटर भूमि बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में आती है। हालांकि, पूरे मार्ग का लगभग 3,650 मीटर हिस्सा भूमि अधिग्रहण पुनर्वास, अतिक्रमण और विभिन्न सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े अवरोधों के कारण प्रभावित है।
फिलहाल 3,430 मीटर यानी 54.1% मार्ग निर्माण कार्य के लिए उपलब्ध हो चुका है और रेलवे चरणबद्ध तरीके से यहां काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अतिम चरण में है, जबकि बीएमसी की भूमि के मूल्यांकन का इंतजार किया जा रहा है।













