ब्लिट्ज ब्यूरो
अहमदाबाद। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद नेता विपक्ष का दायित्व संभालने के बाद राहुल गांधी ने बीजेपी को गुजरात में हराने की हुंकार भरी थी, लेकिन अगले महीने यानी जून में कांग्रेस गुजरात से राज्यसभा में शून्य पर आ जाएगी। गुजरात से कांग्रेस के इकलौते राज्यसभा सदस्य शक्तिसिंह गोहिल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। पार्टी के पास इतने विधायक नहीं है कि वह अब चार सीटों के चुनाव में एक भी सीट जीत सके। कांग्रेस के पास 182 सदस्यों वाली विधानसभा में सिर्फ 12 विधायक हैं।
2022 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ने नेता विपक्ष का पद भी गंवा दिया था। अब पार्टी के लिए एक और शर्मनाक स्थिति का निर्माण हो रहा है। राजनीति हलकों में इसके राज्यसभा के गुजरात से ‘कांग्रेस मुक्त’ होने के तौर पर देखा जा रहा है।
पहली बार सभी सीटों पर होगा बीजेपी का कब्जा
2014 के लोकसभा चुनावों में जब बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को पीएम कैंडिडेट घोषित किया था तो उन्होंने ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा दिया था। उन्होंने इसका इस्तेमाल के राजनीतिक हथियार के तौर पर किया था। बाद में खुद पीएम मोदी ने स्पष्ट किया था कि इस नारे का मतलब कांग्रेस पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करना नहीं, बल्कि देश को ‘कांग्रेस संस्कृति’ (भ्रष्टाचार, परिवारवाद और वोट बैंक की राजनीति) से मुक्त करना है। गांधी-सरदार पटेल जैसे दिग्गजों की जन्मभूमि पर कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है।













