ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के कमिश्नर माइक डुहेम ने कहा है कि कनाडा में भारत सरकार से जुड़ी कोई सीक्रेट एक्टिविटी नहीं चल रही है। उन्होंने साफ किया कि वर्तमान जांच और जानकारी के आधार पर किसी भी विदेशी संस्था से ऐसी गतिविधियों का कोई संबंध नहीं दिख रहा है।
संबंधों में सुधार की नई उम्मीद
मीडिया को दिए विशेष इंटरव्यू में डुहेम ने कहा, ‘हमारे पास जो फाइलें हैं, उनमें ट्रांसनेशनल रिप्रेशन से जुड़ी घटनाओं में लोगों द्वारा डराने-धमकाने या परेशान करने के मामले हैं, लेकिन इन्हें किसी विदेशी संस्था से जोड़ने वाले ठोस सबूत नहीं मिले हैं।’
यह बयान कनाडा और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव के बाद आया है, जो 2023 में पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के संभावित हाथ होने के आरोप से शुरू हुआ था। भारत ने इन आरोपों को ‘बेतुका बताकर खारिज कर दिया था।
भारत-कनाडा संबंधों में तनाव उस समय चरम पर पहुंचा, जब अक्टूबर 2024 में भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को कनाडा से वापस बुला लिया, जबकि कनाडा ने भी समान संख्या में भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया।
अब दोनों देशों के बीच सुधरते संबंध
हालांकि, पिछले साल अप्रैल में हुए संसदीय चुनावों में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत ने संबंध सुधार की प्रक्रिया शुरू की। दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्त नियुक्त किए। इस महीने की शुरुआत में कार्नी ने भारत का दौरा किया, जहां दोनों पक्षों ने यूरेनियम आपूर्ति और महत्वपूर्ण खनिजों पर प्रमुख समझौते को अंतिम रूप दिया।













