ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दुनिया भर में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच भारत की एक वैक्सीन अपने परीक्षण के अंतिम चरण में पहुंच गई है। इससे उम्मीद जगी है कि यह इस घातक मच्छर जनित बीमारी के खिलाफ दुनिया के पहले ‘सिंगल-डोज’ (एक खुराक वाले) टीकों में से एक होगी। यानी दुनिया की पहली सिंगल डोज वैक्सीन बनाने के करीब भारत पहुंच गया है। इस वैक्सीन को एक से 60 वर्ष के आयु के लोगों को दिया जा सकेगा। सिर्फ एक इंजेक्शन में डेंगू के चारों स्ट्रेन के खिलाफ सुरक्षा मिलेगी।
इस वैश्विक महामारी को रोकने की उम्मीद में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की देखरेख में भारतीय कंपनी पैनसिया बायोटेक इसे विकसित कर रही है। कंपनी ने इसका का अंतिम परीक्षण शुरू कर दिया है, जिस पर वह पिछले 15 वर्षों से काम कर रही है। इस अध्ययन में देश भर के 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों को शामिल किया गया है। यदि परीक्षण के परिणाम अनुकूल रहे, तो अगले साल तक इस वैक्सीन को लॉन्च किया जा सकता है। पनासिया के वैज्ञानिक अधिकारी सैयद खालिद अली ने कहा कि हम इस वैक्सीन को जल्द से जल्द बाजार में लाने की कोशिश करेंगे।
तीन महीने के अंतराल में लेनी पड़ती हैं दो खुराक
वर्तमान में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) केवल एक डेंगू क्यूडेंगा वैक्सीन की सिफारिश करता है। यह छह से 16 वर्ष के बच्चों के लिए है। क्यूडेंगा वैक्सीन के लिए तीन महीने के अंतराल पर दो खुराक लेनी पड़ती हैं और यह अभी भारत में उपलब्ध नहीं है।







