ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। इस होली पर 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार होने का अनुमान है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने यह अनुमान जाहिर किया है। उनके मुताबिक, यह पिछले साल के 60 हजार करोड़ रुपये के व्यापार से 25% ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ वोकल फॉर लोकल ‘ के आह्वान का असर दिख रहा है। इस बार भारतीय हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां और दूसरे स्वदेशी उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है। पहले 2021 से पहले चीनी सामान का बोलबाला था।
होली के सामान के अलावा, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फल-फूल, कपड़े, किराना और एफएमसीजी उत्पादों की भी भारी मांग है। लोग होली खेलने के लिए सफेद टी-शर्ट और कुर्ता-पायजामा भी खरीद रहे हैं। दिल्ली में ही करीब 15 हजार करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद है।
दिल्ली के बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, पिचकारियों और गुजिया से सजे हैं। मिठाई की दुकानों पर गुजिया की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है।
फार्महाउस और होटल करीब फुल
पूरे देश में होली मिलन समारोह भी बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। दिल्ली में ही 3000 से ज्यादा ऐसे कार्यक्रम हो रहे हैं। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस और होटल लगभग फुल हो चुके हैं। दिल्ली में होलिका दहन 3 मार्च को होगा। रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी। लोग केमिकल रंगों की जगह हर्बल और प्राकृतिक रंगों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बच्चों में स्पाइडर-मैन और छोटा भीम वाली पिचकारियों का क्रेज है।
अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बूस्टर
खंडेलवाल के अनुसार, भारत में त्योहार सिर्फ उत्सव नहीं होते, बल्कि ये अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देते हैं। इस साल की होली व्यापारियों, छोटे दुकानदारों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। इससे स्वदेशी व्यापार को और ताकत मिलेगी।
खंडेलवाल ने बताया कि पीएम के ‘ वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का व्यापक असर बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस बार होली के अवसर पर भारतीय निर्मित उत्पादों की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है। वहीं, साल 2021 से पहले बाजारों में चीनी प्रोडक्ट्स का दबदबा हुआ करता था।

























