ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के मद्देनजर देश की लाजिस्टिक्स प्रणाली एवं उसकी लागत में सुधार पर जोर दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि भारत की लाजिस्टिक्स प्रणाली अब संरचनात्मक दौर में प्रवेश कर चुकी है जिसे संबंधित नीतिगत संस्थागत पुनर्संरचना, डिजिटल तंत्र एवं बड़े पैमाने पर अवसंरचना योजना से गति मिली है। इन प्रयासों का उद्देश्य लंबे समय से जारी चुनौतियों को दूर करना है। आधिकारिक अध्ययन के अनुसार, भारत में लाजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 7.97 फीसद है, जो कुल मिलाकर लगभग 24:01 लाख करोड़ रुपए बैठती है। अधिकारियों ने बताया कि भारत के लाजिस्टिक्स सुधार आपस में जुड़े नीतिगत उपायों, डिजिटल मंचों अवसंरचना प्रणाली पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, लागत पाना तथा आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण को मजबूत करना है।













