ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में मार्च, 2026 को भारत की नई ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान सुविधाओं की जानकारी दी।
ध्रुवीय भवन और सागर भवन
इन सुविधाओं के निर्माण से आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भारत की अनुसंधान क्षमता मजबूत हुई है।
मेक इन इंडिया के तहत प्रगति
कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स में 900 करोड़ रुपये की लागत से एक नया महासागर अनुसंधान पोत बनाया जा रहा है, जिसके 2028 की शुरूआत में चालू होने की संभावना है।
भविष्य की योजनाएं
सरकार ने ध्रुवीय अनुसंधान पोत, महासागर अनुसंधान पोत और मत्स्य महासागर अनुसंधान पोत के निर्माण के लिए 4319.40 करोड़ रुपये के परिव्यय को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। ये सभी पोत वर्ष 2030 से चरणबद्ध तरीके से शामिल किए जाएंगे।













