ब्लिट्ज ब्यूरो
वाशिंगटन। अमेरिका में अरबों डॉलर मूल्य वाली स्टार्टअप कंपनियों (यूनिकॉर्न) के संस्थापकों में भारतीय मूल के उद्यमी सबसे बड़े प्रवासी समूह के रूप में उभरे हैं। यह जानकारी नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (एनएफएपी) की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।
कितनी यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना
अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन एनएफएपी ने पाया कि अमेरिका की 96 यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना भारतीय मूल के उद्यमियों ने की है। इनमें एआई कंपनी पर्प्लेक्सिटी एआई भी शामिल है, जिसके सह-संस्थापक अरविंद श्रीनिवास हैं। 20 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ यह कंपनी सूची में 12वें स्थान पर है।
प्रवासी संस्थापकों के आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार प्रवासी संस्थापकों के मूल देशों की सूची में भारत शीर्ष पर है। इसके बाद इस्रायल (60), यूनाइटेड किंगडम (47), चीन (41), कनाडा (30), रूस (23), फ्रांस (21), जर्मनी (18), यूक्रेन (16), ऑस्ट्रेलिया (14), पाकिस्तान (10) और रोमानिया (10) का स्थान है। स्टुअर्ट एंडरसन द्वारा लिखित एनएफएपी की रिपोर्ट अप्रवासी और अमेरिकी अरबों डॉलर की कंपनियों में कहा गया है कि अमेरिका की 775 निजी यूनिकॉर्न कंपनियों में से 455 यानी 59 प्रतिशत कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना प्रवासियों ने की है।
रिसर्च में क्या-क्या पाया गया?
रिसर्च में पाया गया कि प्रवासी संस्थापकों वाली अमेरिकी अरब डॉलर मूल्य की निजी स्टार्टअप कंपनियों ने औसतन 833 नौकरियां प्रति कंपनी सृजित की हैं। वहीं, लगभग दो-तिहाई (66 प्रतिशत) यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना प्रवासियों या उनके बच्चों ने की है। इसके अलावा, करीब 80 प्रतिशत अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों में या तो कोई प्रवासी संस्थापक है या फिर किसी महत्वपूर्ण नेतृत्व पद, जैसे सीईओ या इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष पद पर प्रवासी कार्यरत हैं।













