ब्लिट्ज ब्यूरो
तिरुवंतपुरम। केरलम के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर एमएस माधविकुट्टी ने इसकी पुष्टि की। जिला अधिकारी ने बताया कि वायरस से संक्रमित व्यक्ति की पहचान 43 वर्षीय रामनट्टुकारा के रूप में हुई है जो फिलहाल कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।
जिला कलेक्टर ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति की गतिविधियों का एक विस्तृत रूट मैप तैयार कर लिया गया है। हालांकि, राहत की बात ये है कि अभी तक मरीज के संपर्क में आए 77 लोगों में से किसी में भी बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे हैं।
अधिकारी ने बताया कि रामनट्टुकारा के संपर्क में आए कुल 77 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें 14 परिवार के सदस्य, 5 दोस्तों-सहकर्मियों और 58 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। इनमें से 15 लोगों को अति जोखिम वाली कैटेगरी में रखा गया है और इन लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार इस मरीज ने हाल ही में एक गोदाम किराए पर लेकर उसकी खुद सफाई की थी, जिसके दौरान उसके संक्रमित होने की आशंका है। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम की बैठकें बुलाई हैं और जिला चिकित्सा कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि ये बात सामने आई कि मरीज कई लोगों के संपर्क में आया था। मरीज ने सबसे पहले एक अस्पताल के आउटपेशेंट (ओपीडी) अनुभाग का दौरा किया था और बाद में अपनी एमआरआई और इकोकार्डियोग्राफी जांच भी करवाई थी।
बता दें कि केरल स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के अनुसार, निपाह एक जूनोटिक वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। फ्रूट बैट्स (चमगादड़) इसके प्राकृतिक भंडार हैं और ये सूअरों को भी बीमार कर सकता है। इससे दिमाग में सूजन आ जाती है। मंत्री ने जनता से पैनिक न होने की अपील करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज में दवाइयों और पीपीई किट की पूरी व्यवस्था है। सूचना के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0495-2373901 और 9072007767 जारी किए गए हैं।













