ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शहरी विकास को नई गति देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5,148 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसमें शारदा नगर विस्तार योजना में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम भी शामिल है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से 848 बजट फ्रेंडली भवन विकसित किए जाएंगे। बता दें, लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि डालीबाग स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के लोकार्पण के समय सीएम योगी आम नागरिकों के लिए बजट फ्रेंडली आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत शारदा नगर विस्तार योजना में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाएगी। जिसके निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास कालोनी के पास 12,494 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गई है। योजना में 12 मंजिल के 4 टॉवरों में कुल 848 फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इसमें 1 बीएचके के 156 फ्लैट होंगे। हर फ्लैट लगभग 40 वर्गमीटर क्षेत्रफल का होगा। इसी तरह 2 बीएचके के 692 फ्लैट्स 55 वर्गमीटर क्षेत्रफल के होंगे।
ये सुविधाएं मिलेंगी
योजना में साफ जल और विद्युत आपूर्ति, स्टिल्ट पार्किंग, लिफ्ट, पार्क, किड्स प्ले एरिया समेत अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर और वरूण विहार के लिए जमीन खरीदने व अर्जन की कार्रवाई के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इससे शहर में नई आवासीय योजनाओं को धरातल पर उतारने और अधूरी योजनाओं को पूरा करने में बल मिलेगा। साथ ही शहर के विस्तार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। इसी तरह आवासीय योजनाओं में विकास व अनुरक्षण कार्यों के लिए 1,298 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है।
क्या बोले एलडीए उपाध्यक्ष?
अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। एलडीए की महत्वाकांक्षी परियोजना ग्रीन कॉरिडोर को भी रफ्तार मिलेगी। बोर्ड ने ग्रीन कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसी तरह शहर में नए पार्क विकसित करने और पुराने पार्कों के अनुरक्षण के लिए 60 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के अंतर्गत नए भवनों के निर्माण के लिए भी बजट आवंटित किया गया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मशीनरी पर होने वाले खर्च के लिए भी 2 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
गोमती नगर विस्तार में सरस्वती अपार्टमेंट के पास मौजूद खाली जमीन को सामुदायिक केंद्र में बदलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है। इसके अलावा सेक्टर-6 में कुछ भूखंडों के सामने प्रस्तावित 45 मीटर चैड़ी सड़क को घटाकर 9 मीटर करने और बाकी जमीन को व्यावसायिक और आवासीय इस्तेमाल के लिए नियोजित करने के प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
पुरानी दरों पर भवन खरीद सकेंगे
इसके अलावा गोमती नगर योजना में अपना आशियाना बनाने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। एलडीए ने गोमती नगर स्थित पारिजात अपार्टमेंट और पंचशील अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत को 1 साल के लिए फ्रीज कर दिया है। इससे नए वित्तीय वर्ष में इन अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी और लोग पुरानी दरों पर भवन खरीद सकेंगे।













