ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। एक बेटी के माता-पिता बनना आसान काम नहीं है। तेज तर्रार दुनिया में बड़ी होती बेटी खुद को एडजस्ट कैसे करे, माता पिता को उसे यह जरूर सिखाना चाहिए। समाज सेविका और बिजनेस वुमेन सुधा मूर्ति अपने इंटरव्यू और शोज में बच्चों की अच्छे से परवरिश करने के तरीकों के बारे में बताती हैं। उन्होंने एक शो में मां बाप को सलाह दी है कि – बेटियों को शेरनी की तरह बड़ा करना चाहिए, मन व शरीर से पावरफुल बनाना चाहिए। ऐसा करते हुए डरें नहीं। लोग क्या सोचते हैं, इसकी परवाह भी न करें।
सुरक्षा देकर उसे बढ़ने से न रोकें
अगर आप बेटी को शेरनी की तरह बड़ा करना चाहते हैं, तो उसे जरूरत से ज्यादा सुरक्षा देकर बढ़ने से न रोकें। बचपन बेटी के लिए आगे बढ़ने का समय है। एक्सपर्ट मानते हैं कि असफलताओं पर काबू पाना बच्चों को सफलता और दृढ़ता सिखाता है।
अच्छे पिता की उपस्थिति
हर मां को ध्यान रखना चाहिए कि बेटियाें को अपने जीवन में एक स्ट्रांग मेल फिगर की भी जरूरत होती है। जरूरी है कि उसके जीवन में एक अच्छा पिता मौजूद हो। एक पिता की उपस्थिति बेटी को आत्मसम्मान वाली महिला बनने में मदद करती है।
बेटी को स्वतंत्र बनाएं
बेटी को साहसी बनाने के लिए उसे स्वतंत्रता देना जरूरी है। उन्हें गलतियां करने पर खुद के प्रति ईमानदार रहने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें सिखाएं कि गलती को अगली बार कैसे सुधारना है। बता दें कि हर नई सफलता व्यक्ति में दोबारा कोशिश करने की इच्छा को बढ़ा देती है।
खुद से सकारात्मक बातें करना सिखाएं
खुद से बात करना पॉजिटिव थिंकिंग को बढ़ावा देने का एक अच्छा तरीका है। “मैं सक्षम हूं”, “मैं काफी हूं”, जैसे वाक्य उसे खुद पर भरोसा करना सिखाते हैं। इससे बेटियों का आत्मविश्वास चार गुना बढ़ जाता है।
सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दें
आज के जमाने में बेटियों को मजबूत बनाना है, तो उन्हें अपनी आत्म रक्षा करने का गुर जरूर सिखाना चाहिए। उन्हें कराटे या सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दिलाने से बहुत फायदा हो सकता है। इससे वह घर के अलावा बाहर की दुनिया में भी अपनी सुरक्षा अकेले कर सकती हैं।













