ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।पश्चिमी एशिया संकट से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और विमानन क्षेत्र की वित्तीय मदद के लिए केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) 5.0 को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 18,100 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी दी गई। योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक स्वीकृत ऋणों पर लागू होगी।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि योजना के जरिये 2.55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज एमएसएमई और विमानन क्षेत्र को मुहैया कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर केंद्र सरकार गारंटी के तौर सर 18, 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। योजना के जरिये पांच हजार करोड़ रुपये विमान क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) सदस्य ऋण संस्थाओं को गारंटी कवर प्रदान करेगी जिससे उनके द्वारा वैध एवं योग्य उधारकर्ता (एमएसएमई) को अतिरिक्त कर्ज प्रदान किया जा सके।
1.1 करोड़ एमएसएमई को मदद दी गई योजना के तहत अब तक
3.7 लाख करोड़ तक पहुंची ईसीएलजीएस की अब तक की कुल गारंटी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईसीएलजीएस बहुत सफल मॉडल है, जिसकी शुरुआत कोविड के दौरान उद्योग क्षेत्र को वित्तीय मदद देने के लिए की गई थी। इस योजना की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं ने भी प्रशंसा की है क्योंकि योजना के तहत जिस उद्योग को वित्तीय जरूरत होती है, वही अतिरिक्त कर्ज का इस्तेमाल करता है। योजना के तहत कोई अतिरिक्त गारंटी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कपास उत्पादकता बढ़ाने को 5,659 करोड़ रुपये मंजूर
सरकार ने कपास क्षेत्र में घटती वृद्धि, उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मंगलवार को 5,659.22 करोड़ रुपये के एक पंचवर्षीय मिशन को मंजूरी दी। यह मिशन कपास क्षेत्र की बाधाएं दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
नए अनुमानों के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में देश का कपास उत्पादन 170 किलोग्राम के 291 लाख गांठ के स्तर पर रहा। इस मिशन के तहत उद्योग को कम प्रदूषण वाला कपास उपलब्ध कराने और उच्च गुणवत्ता वाले कपास के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।
अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र को मंजूरी
केंद्र सरकार ने गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
इस परियोजना को दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड मिलकर तैयार करेंगे। यहां पर हर साल करीब 34 जहाजों की मरम्मत करने की सुविधा होगी। परियोजना को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। मरम्मत स्थल पर 14 मीटर से अधिक गहराई होगी, जिससे कि बड़े जहाजों का भी मरम्मत किया जा सके।
तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं मंजूर
मंत्रिमंडल ने 23,437 करोड़ लागत की तीन मल्टी ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। परियोजनाओं को अगले चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मल्टी ट्रैकिंग छह राज्यों के 19 जिलों में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करेगी। फैसले के तहत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मौजूदा रेल नेटवर्क में लगभग 901 किमी की अतिरिक्त लाइनें जोड़ी जाएंगी। 83 लाख की आबादी और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मिलेगा।
दो नए सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी
केंद्र सरकार ने दो नए सेमीकंडक्टर परियोजना को मंजूरी दे दी है। इनमें देश की पहली कॉमर्शियल मिनी एवं माइक्रो एलईडी डिस्प्ले यूनिट और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट शामिल है।
दोनों परियोजना में करीब 3936 करोड़ रुपये निवेश होंगे। यह मंजूरी भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत दी गई है। इसके साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी। दोनों इकाई गुजरात में लगाई जाएंगी, जिनसे करीब 2,230 कुशल लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
अहम प्रावधान
1. योजना का लाभ उन्हीं को जिनका खाता 31 मार्च 2026 तक नियमों के तहत सक्रिय है।
2. एमएसएमई को 100% और गैर-एमएसएमई व विमानन क्षेत्र को 90% तक गारंटी मिलेगी।
3. 2026 की चौथी तिमाही में उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20 फीसदी तक अतिरिक्त ऋण मिलेगा।
4. विमानन कंपनियों के लिए अतिरिक्त कर्ज की सीमा 1500 करोड़ रुपये प्रति उधारकर्ता है।
5. अतिरिक्त कर्ज की अवधि पांच वर्ष के लिए होगी जिसमें कर्ज जारी होने से एक साल की अवधि का मोरेटोरियम यानी भुगतान पर छूट रहेगी।
6. विमानन कंपनियों के लिए अतिरिक्त उधारी की सीमा सात वर्ष होगी, जिसमें पहले दो वर्ष का मोरेटोरियम मिलेगा।












