ब्लिट्ज ब्यूरो
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए। उनका यह दौरा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए केस स्टडी थी। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वे अधिकारियों की एक विशेष टीम के साथ यहां के वर्ल्ड क्लास मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और जन सेवाओं का बारीकी से अध्ययन करने आए हैं, ताकि मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही एक ‘प्रभावी मॉडल प्रोजेक्ट’ तैयार किया जा सके।
सीएम मोहन यादव ने कटरा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने इस दौरे के मुख्य प्रशासनिक उद्देश्यों को बताया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य के प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए एक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहती है।
प्रस्तावित मॉडल मुख्य रूप से तीन
स्तंभों पर केंद्रित होगाः-
भीड़ प्रबंधनः त्योहारों और विशेष अवसरों पर जुटने वाली लाखों की भीड़ को बिना किसी हादसे या अव्यवस्था के नियंत्रित करना।
जन सेवाएं: तीर्थयात्रियों के लिए रुकने, परिवहन, स्वच्छता और चिकित्सा की बेहतरीन सुविधाएं सुनिश्चित करना।
धार्मिक सेवाएं: दर्शन की प्रक्रिया को सुलभ, पारदर्शी और समय के हिसाब से बनाना।
सीएम यादव ने कहा, भीड़ प्रबंधन, जन सेवाओं और धार्मिक सेवाओं पर आधारित एक प्रभावी मॉडल प्रोजेक्ट कैसे तैयार किया जा सकता है, इसके लिए हमने देश भर के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग टीमें भेजीं और वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया है। हम यहां माता रानी का आशीर्वाद लेने भी आए हैं।
देशभर के धार्मिक स्थलों पर भेजी गई हैं टीमें
मुख्यमंत्री ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि सिर्फ वैष्णो देवी ही नहीं, बल्कि देश भर के विभिन्न बड़े और सफल धार्मिक स्थलों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और उनके ‘सेवा मॉडलों’ का अध्ययन करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई टीमें भेजी हैं।
वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन ने उन्हें जानकारी दी है कि बोर्ड के तहत सिर्फ तीर्थयात्रा ही नहीं, बल्कि कई बड़े कल्याणकारी कार्य भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें एक यूनिवर्सिटी और एक मेडिकल कॉलेज का संचालन भी शामिल है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद सुव्यवस्थित योजना लागू है जिससे लोग बिना किसी परेशानी के दर्शन कर पाते हैं। एमपी सरकार भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ने की योजना बना रही है।













