ब्लिट्ज ब्यूरो
नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) द्वारा स्थापित किए जाने वाले यूएवी और रोबोट निर्माण संयंत्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में एसडीएएल द्वारा बनाए गए रोबोट भारत की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जगह ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह चीन अपनी सीमाओं पर रोबोट तैनात कर रहा है, उसी तरह भारत भी जल्द ही अपनी सीमाओं पर रोबोट सैनिक तैनात करेगा। इन रोबोट का निर्माण नागपुर में ही किया जाएगा। यह परियोजना नागपुर स्थित निजी रक्षा कंपनी एसडीएएल द्वारा मिहान-एसईजेड क्षेत्र में स्थापित की जा रही है।
एयरोस्पेस नीति के तहत यह पहला बड़ा निवेश
सीएम फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार की रक्षा और एयरोस्पेस नीति के तहत यह पहला बड़ा निवेश है। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संयंत्र अपने पैमाने के कारण बेहद खास माना जा रहा है। कंपनी के प्रमोटरों का लक्ष्य है कि एक वर्ष के भीतर यूनिट-I का बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया जाए। इसके बाद जल्द ही रोबोट का एक प्रोटोटाइप विकसित किया जाए। अपने बचपन को याद करते हुए फडणवीस ने कहा कि हम बचपन में हर रविवार को एक टीवी सीरियल ‘स्टार वॉर्स (स्टार ट्रेक)’ देखा करते थे। उस समय जो बातें कल्पना लगती थीं, आज वे वास्तविकता बनती जा रही हैं। एसडीएएल का यह प्रोजेक्ट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आज व्यापार तक को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है और सप्लाई चेन भी रणनीतिक हथियार बन चुकी हैं। महाराष्ट्र सरकार ने रक्षा और एयरोस्पेस को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चुना है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर का युग है और आने वाले 1000 दिनों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के सैनिक चीन सीमा और सियाचिन ग्लेशियर जैसी जगहों पर तैनात रहते हैं। वहां तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नागपुर तेजी से एक बड़े डिफेंस हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सभी देशों के लिए नवीनतम तकनीक हासिल करना जरूरी हो गया है। भारत का उद्देश्य किसी अन्य देश पर आक्रमण करना नहीं, बल्कि शांति बनाए रखने के लिए खुद को मजबूत बनाना है।













