ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 (यूजी) वालों के लिए गुड न्यूज आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी एनएमसी ने खुद इस बारे में जानकारी दी है। नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा तैयार इन आंकड़ों की जानकारी हेल्थ मिनिस्टर अनुप्रिया पटेल ने राज्य सभा में दी। उन्होंने बताया कि 2025-26 सत्र में भारत में 11 हजार से ज्यादा एमबीबीएस सीट बढ़ाई गई है। जाहिर है देश में मेडिकल कॉलेज भी बढ़े हैं।
नया डेटा एनएमसी की वेबसाइट nmc.org.in पर भी अपडेट कर दिया गया है। इस खबर में आगे वो एनएमसी का वो ऑफिशियल नेविगेशन दिया गया है जहां से आप देश में मौजूद हर मेडिकल कॉलेज का नाम, राज्य का नाम, सरकारी/प्राइवेट, हर कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या की पूरी जानकारी एक जगह देख सकते हैं।
कुल मेडिकल कॉलेज कितने हैं 2026 में?
नेशनल मेडिकल कमीशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 2025 और 2026 दोनों का डेटा अपलोड किया है। इसके अनुसार, एम्स और जिपमर जैसे संस्थानों को मिलाकर साल 2025 में भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 780 थी जबकि 2026 में ये संख्या बढ़कर 824 हो गई है। ये वो कॉलेज हैं जहां एमबीबीएस कोर्स कराए जाते हैं।
2026 में भारत कितनी एमबीबीएस सीटें हैं
एनएमसी के पोर्टल पर मौजूद डेटा के मुताबिक, पिछले साल (2025) तक भारत में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1,18,190 थी। जबकि वर्ष 2026 में ये सीटें बढ़कर 1,29,603 हो चुकी हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को आंकड़े दिए, जिन्हें राज्यसभा में पेश किया गया है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने बताया कि पिछले एक दशक में देश में मेडिकल कॉलेज और सीट्स की संख्या में दोगुना से ज्यादा इजाफा हुआ है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे। नीट यूजी की सीटें 51000 के आसपास थीं, जो अब सवा लाख से ऊपर हैं। वहीं, नीट पीजी की सीटें 31 हजार के आसपास थीं, जो अब बढ़कर 85000 से ज्यादा हो चुकी हैं।
मेडिकल की पढ़ाई को बेहतर और सुगम बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। मंत्रालय ने ये भी कहा कि एनएमसी हर साल नए मेडिकल कॉलेज सेट अप करने की प्रक्रिया के लिए आवेदन लेता है। फिर उन आवेदनों और जमा दस्तावेजों की जांच की जाती है। मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड द्वारा अन्य जरूरी वेरिफिकेशंस किए जाते हैं। उसके बाद मंजूरी दी जाती है।













