ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित पचगांव चौक पर मल्टी मॉडल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सलाहकार नियुक्त करेगा। गुरुवार शाम को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने यह दिशा-निर्देश जारी किए।
दिल्ली में आयोजित बैठक में वी. उमाशंकर ने अधिकारियों से कहा कि पचगांव चौक पर भविष्य में यातायात काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में इस चौराहे पर मल्टी मॉडल कॉरिडोर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के शाहजहांपुर तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन इस चौराहे से होकर निकलनी है। इस चौराहे पर नमो भारत स्टेशन प्रस्तावित है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) की सेक्टर-56 से लेकर पचगांव तक मेट्रो संचालन की योजना है। पचगांव में मेट्रो का स्टेशन तैयार होगा। पचगांव के पास से कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे निकल रहा है।
हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) के स्टेशन भी इस चौक पर प्रस्तावित है। मौजूदा समय में इस चौराहे पर यातायात अधिक है। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन होने के बाद यातायात और अधिक बढ़ जाएगा। ऐसे में अभी से इन योजनाओं के मद्देनजर इस चौराहे पर मल्टी मॉडल कॉरिडोर का निर्माण किया जाए।
सलाहकार की नियुक्ति जल्द होगी
बैठक में वी. उमाशंकर ने कहा कि इस मल्टी मॉडल कॉरिडोर को एनएचएआई के बजाय जीएमडीए तैयार करेगा। इसके लिए जीएमडीए सलाहकार नियुक्त करेगा। एनएचएआई को एचएसआईआईडीसी, मानेसर नगर निगम या आसपास लगती किसी अन्य सरकारी एजेंसी की जमीन लेने में समय लगेगा। जीएमडीए को इसमें किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। एक महीने के अंदर इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सलाहकार नियुक्त करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जीएमडीए की कार्यप्रणाली पर नाराजगी
साल 2017 में जीएमडीए का गठन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने किया था। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में वी. उमाशंकर ने जीएमडीए की मौजूदा कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह मुद्दे से भटक गया है। सिर्फ बारिश और गंदे पानी की निकासी तक यह सीमित रह गया है। जीएमडीए की योजनाओं में दूरदृष्टि, भविष्य की कल्पना या लक्ष्य का अभाव दिख रहा है।
खेड़की दौला टोल प्लाजा के स्थानांतरण पर संशय
यह बैठक खेड़की दौला टोल प्लाजा के स्थानांतरण को लेकर बुलाई गई थी। एनएचएआई अधिकारियों ने इस बैठक में बताया कि पचगांव में टोल स्थानांतरण की योजना बनाई थी। ग्रामीणों ने इस योजना पर आपत्ति जताई है। हाईवे के दोनों तरफ विकसित ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यू-टर्न फ्लाईओवर प्रस्तावित किया था। इसे मानने से ग्रामीणों ने इनकार कर दिया है। ऐसे में इस टोल प्लाजा के स्थानांतरण को लेकर इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।
पचगांव मेट्रो की डीपीआर तैयार
सेक्टर-56 से लेकर पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो की डीपीआर तैयार हो चुकी है। करीब 35.5 किमी लंबी इस परियोजना के तहत 28 मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। पहला स्टेशन सेक्टर-56 में रैपिड मेट्रो स्टेशन के पास गोल्फ कोर्स रोड पर बनेगा। इसके बाद घाटा ट्रैफिक सिग्नल, सेक्टर-61, 62, नरवाना कंट्री, सेक्टर-66 होता हुआ अंतिम स्टेशन पचगांव में बनेगा।













