गुलशन वर्मा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक एआई इम्पैक्ट समिट भारत में आयोजित हो रहा है जो विश्व की एक-छठी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल और तेजी से बढ़ता टेक-आधारित इकोसिस्टम वाला देश है। भारत न केवल नई तकनीक विकसित करता है बल्कि उन्हें अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक रेजिलिएंट इको सिस्टम बना रहा है। सिक्योर डाटा सेंटर, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनेमिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफॉर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब बनाते हैं।
- 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री व 500 ग्लोबल लीडर्स हुए शामिल
- 30 देशों की 300 से अधिक प्रेजेंटेशन, 13 देशों के मंडप बनाए गए
- बनाया गिनीज रिकॉर्ड – 250946 लोगों ने 24 घंटे में एआई को किया प्लेज
- तीन आधारभूत स्तंभों- लोग, ग्रह, प्रगति पर आधारित रहा समिट
- ग्लोबल साउथ में पहला आयोजन, अनुसंधान संगोष्ठी में आए 250 शोध
- 70 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैले 10 मैदानों में हुआ आयोजन
- तीन वैश्विक चुनौतियां – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर व युवाआई
- चुनौतियाें पर मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, 60 देशों से 4650 आवेदन
- देशभर के किसानों के लिए नया डिजिटल साथी ‘भारत‑विस्तार’ लॉन्च
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल
देश की ताकत को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी के साथ-साथ डेमोक्रेसी भी है। जो एआई मॉडल भारत में सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी आजमाया जा सकता है। उन्होंने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू द ह्यूमैनिटी।
एआई इंपैक्ट समिट भारत सहित पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय
बकौल पीएम नरेंद्र मोदी, ये समिट जिस भारत में हो रहा है वो भारत मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। भारत सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इको सिस्टम का उदाहरण है। नई तकनीक को लेकर उत्सुक 140 करोड़ भारतीयों की ओर से आप सभी राष्ट्राध्यक्षों, ग्लोबल एआई सिस्टम के लीडर्स और इनोवेटर्स का स्वागत है। इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है।
इस समिट में एआई जगत के दिग्गज मौजूद हैं। दुनिया के 100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव समिट की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें युवाओं की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मानव सामर्थ्य कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज और गहरा दोनों है। हमें विजन और जिम्मेदारी दोनों बड़ी रखनी होगी।
उन्होंने कहा, असली सवाल यह नहीं है कि एआई भविष्य में क्या कर सकता है, बल्कि यह है कि हम वर्तमान में एआई का उपयोग करके क्या कर सकते हैं। भारत नई तकनीक विकसित करता है और उसे तेजी से अपनाता भी है।
मैक्रों के नमस्ते ने बटोरीं सुर्खियां
वैश्विक दिग्गजों की मौजूदगी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जब नमस्ते से अभिवादन किया तो उनके इस व्यवहार ने सबका ध्यान खींचा। भारतीय परंपरा में नमस्ते के साथ संबोधन की शुरुआत करने वाले मैक्रों ने अपनी बातों से भी सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने भारत में यूपीआई और तेजी से हो रहे बदलावों को भी रेखांकित किया।
























