ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व जल दिवस के अवसर पर पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाले इस आवश्यक जीवन तत्व के संरक्षण की अपील की। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पानी हमें जीवन देता है और हमारे ग्रह के भविष्य को आकार देता है।
विश्व जल दिवस के अवसर पर आइए हम एक-एक बूंद पानी के संरक्षण और उसके जिम्मेदार उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन उन लोगों की सराहना करने का भी है जो सतत तरीकों को अपनाते हैं, जागरूकता फैलाते हैं और संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व जल दिवस का एक प्रमुख उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य- छह को हासिल करना है, जिसका उद्देश्य 2030 तक सभी के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करना है।
संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि 2026 के विश्व जल दिवस अभियान में परिवर्तनकारी और अधिकार आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया गया है, जिसमें महिलाओं को जल संबंधी निर्णयों में समान आवाज, नेतृत्व और अवसर दिए जाने पर जोर दिया गया है।
जल संरक्षण के10 प्रमुख तरीके
- नल बंद रखें: ब्रश करते समय या दाढ़ी बनाते समय नल खुला न छोड़ें।
- लीकेज की मरम्मत: टपकते हुए नल, शावर या पाइप को तुरंत ठीक करवाएं।
- बाल्टी का प्रयोग: शावर की जगह बाल्टी और मग का उपयोग करें, इससे पानी की खपत कम होती है।
- वर्षा जल संचयन: छत के बारिश के पानी को टैंकों या कुओं में इकट्ठा करके उपयोग करें।
- पुन: उपयोग: सब्जियों/ फलों को धोने में इस्तेमाल पानी को गमलों में डालें।
- वाशिंग मशीन का सही उपयोग: मशीन का उपयोग केवल तभी करें जब कपड़े पूरी तरह से भरे हों।
- गाड़ी धोते समय बाल्टी: गाड़ी या फर्श को पाइप से धोने के बजाय बाल्टी और पोंछे का प्रयोग करें।
- ड्रिप सिंचाई (कृषि में): खेतों में सीधे जड़ों तक पानी पहुंचाने के लिए ड्रिप या स्प्रिंकलर तकनीक अपनाएं।
- फलश का कम उपयोग: टॉयलेट में कम पानी वाली फ्लश का प्रयोग करें।
- जागरूकता फैलाएं: पानी के महत्व के बारे में परिवार और पड़ोसियों को शिक्षित करें।
इन तरीकों को अपनाकर हम न केवल पानी की बर्बादी रोक सकते हैं, बल्कि भविष्य के लिए जल संरक्षण भी कर सकते हैं।













