ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में काम शुरू करते हुए कई अहम फैसले किए हैं। उन्होंने लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दोगुना कर छह करोड़ कर दिया। इसके साथ, हर नागरिक को जीवनरक्षक सुरक्षा देने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत हादसों के घायलों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। किसानों के लिए अहम फैसले में कृषि बुनियादी ढांचा कोष को दोगुना करके दो लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फेड ऑफ फंड्स 2.0 को भी मंजूरी दी।
इससे पहले, पीएम मोदी ने नए पीएमओ और दो नए कर्तव्य भवनों का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा, सेवा तीर्थ कर्तव्य, करुणा और भारत सर्वोपरि के सिद्धांत का प्रतीक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लखपति दीदी योजना में बेहतर प्रदर्शन से सरकार ने मार्च, 2027 की तय सीमा से बहुत पहले तीन करोड़ लखपति दीदियों का आंकड़ा पार कर लिया। अब मार्च, 2029 तक छह करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। पीएम राहत पहल के तहत दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार से सुनिश्चित होगा कि तत्काल चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण किसी की जान न जाए। कृषि अवसंरचना कोष दोगुना कर दो लाख करोड़ करने का मकसद देश को कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।
सेवा तीर्थ में पहले दिन पीएम मोदी ने कृषि, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। इनमें फसल बीमा, सिंचाई परियोजनाएं, प्राकृतिक खेती व आधुनिक कृषि तकनीक शामिल हैं।
उन्होंने मंत्रालयों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा, किसानों की आय बढ़ाना और खेती को लाभकारी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, नवाचार तंत्र, विशेष रूप से डीप टेक, प्रारंभिक चरण के विचारों, उन्नत विनिर्माण और अभूतपूर्व प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में, सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप फंड बढ़ाने को मंजूरी दी।
- – घायलों को मिलेगा 1.5 लाख का कैशलेस इलाज
- – 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड को मंजूरी
- – कृषि बुनियादी ढांचा कोष: दोगुना करके 2 लाख करोड़ किया
ऐतिहासिक दिन
आजादी के बाद से अब तक प्रधानमंत्री का कार्यालय रायसीना हिल्स पर राष्ट्रपति भवन के सामने अंग्रेजों को बनाई साउथ ब्लॉक की इमारत में था। देश के सारे फैसले वहीं से होते थे, पर औपनिवेशिक दासता के सभी प्रतीकों को खत्म करते जा रहे पीएम मोदी ने इस कार्यालय को भी अलविदा कह दिया।
खास बात यह है कि ठीक 95 साल पहले 13 फरवरी, 1931 को भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में नई दिल्ली का उद्घाटन किया गया था।
विकास यात्रा को नई दिशा
पीएम मोदी ने कहा, सेवा तीर्थ सिर्फ एक कार्यालय नहीं, बल्कि देशवासियों की सेवा का तीर्थ है। यहां से किए जाने वाले हर निर्णय का मकसद गरीब, किसान और महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाना है। यह नई शुरुआत देश की विकास यात्रा को नई दिशा देगी व विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करेगी। सेवा तीर्थ भवन का ध्येय वाक्य है-नागरिक देवो भवः।
विकसित भारत की यात्रा में मील का पत्थर
सेवा तीर्थ व कर्तव्य भवन विकसित भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं। ये नागरिक केंद्रित शासन और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
























