ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।पिछले 12 वर्षों में सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हुई, योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा और विकसित भारत 2047 के संकल्प को नई दिशा मिली।
कुछ दिन पहले दिल्ली के एक कार्यक्रम में मेरी मुलाकात एक बुजुर्ग महिला से हुई। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘बेटी, पहले सरकार हमारे लिए खबरों में होती थी, अब हमारे घर तक पहुंचती है।’ उनकी यह बात मेरे मन में लगातार गूंजती रही।
लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी सफलता आंकड़ों से नहीं मापी जाती। उसकी असली पहचान उस भरोसे से बनती है जो देश का आम नागरिक महसूस करता है। जब कोई गरीब परिवार पहली बार पक्के घर की चाबी हाथ में लेता है, जब किसी मां को अपने बच्चे के इलाज की चिंता से राहत मिलती है, जब किसी बहन को धुएं से भरे चूल्हे की जगह गैस सिलेंडर मिलता है, तब विकास केवल सरकारी योजना नहीं रहता, वह जीवन का हिस्सा बन जाता है। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं, तब यह केवल एक राजनीतिक पड़ाव नहीं है। यह भारत के सामाजिक परिवर्तन की एक ऐसी यात्रा है, जिसमें करोड़ों लोगों ने अपने जीवन में बदलाव को महसूस किया है।
– रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली













