ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध की मार झेल रहे निर्यातकों की मदद के लिए सरकार ने ‘रिलीफ’ स्कीम शुरू की है। 497 करोड़ रुपये की यह योजना मुख्य रूप से यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान, बहरीन, इराक, ईरान, इजरायल और यमन को भेजे जाने वाले या वहां से गुजरने वाले माल के मामले में मददगार होगी।
इस स्कीम के तहत एमएसएमई निर्यातकों को बीमा और ढुलाई लागत में बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा वापस मिलेगा। वहीं एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीजीसी) से कवर ले चुके निर्यातकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के 100% रिस्क कवरेज मिलेगी।
एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने बताया कि रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) स्कीम को एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह खासतौर से उन 17-18 देशों को भेजे जाने वाले माल के लिए है, जो युद्ध से प्रभावित हैं।
स्कीम के 3 हिस्से
पहले उन एक्सपोर्टर्स को 100% तक रिस्क कवरेज मिलेगा, जो अपने कंसाइनमेंट्स के लिए ईसीजीसी क्रेडिट इंश्योरेंस कवर इस साल 14 फरवरी से 15 मार्च के बीच ले चुके हैं। यह मौजूदा ईसीजीसी कवर के अतिरिक्त होगा।
दूसरे में जो निर्यातक 16 मार्च से 15 जून में कंसाइनमेंट भेजने की योजना बना रहे हैं, वे ईसीजीसी कवर लेंगे तो सरकार 95% तक रिस्क कवरेज देगी, जो मौजूदा कवर के ऊपर होगा। जिन एमएसएमई एक्सपोर्टर्स ने 14 फरवरी से 15 मार्च के बीच क्रेडिट इंश्योरेंस न लिया हो, उन्हें ढुलाई और बीमा की बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा रीइंबर्स किया जाएगा। यह बढ़ी लागत के 50% तक होगा। इसमें प्रति निर्यातक 50 लाख रुपये तक की सीमा भी होगी।
कैसे काम करेगी ईसीजीसी
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाली संस्था ईसीजीसी लिमिटेड को इस योजना की नोडल एजेंसी बनाया गया है। ईसीजीसी एक डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए रियल-टाइम में दावों और फंड के उपयोग की निगरानी करेगी। वहीं ईपीएम स्टीयरिंग कमेटी समय-समय पर वैश्विक हालात के अनुसार इस योजना की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव कर सकती है।
वित्तीय प्रावधान करने और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था से इस स्कीम के फायदे समय से मिलने की उम्मीद है। लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बाधाओं से अभी जो असर पड़ रहा है, उसे दूर करने में यह बहुत मददगार होगी।
एस सी रल्हन, एफआईईओ प्रेसिडेंट













