ब्लिट्ज ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अंत्योदय के उत्थान के प्रयास अब और तेज होंगे। शहर और गांवों में छह लाख गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। अगले महीने विधानसभा में पेश होने जा रहे बजट में गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता और बुजुर्गों-विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन में बढ़ोतरी की तैयारी है।
मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख की अतिरिक्त सब्सिडी
नए साल में सभी गरीबों के सिर पर छत, बेहतर शिक्षा और अंत्योदय परिवारों के युवाओं को रोजगार के लिए कई योजनाएं परवान चढ़ेंगी, तो कुपोषण से निजात दिलाने के लिए उन्हें पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध कराए जाएंगे। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार एक लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले जरूरतमंद परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। अगर ऐसे परिवार के पास भूमि नहीं हुई, तो सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी।
1 लाख से कम आय वाले परिवारों को मुफ्त यात्रा
प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) के 35 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। एक लाख रुपये से कम आय वाले अंत्योदय परिवारों के सभी सदस्यों को रोडवेज बसों में 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के माध्यम से हर गरीब परिवार की न्यूनतम वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये सुनिश्चित करना है। अंत्योदय मेलों के माध्यम से अभी तक 50 हजार गरीब युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन और कौशल प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है।
जल्द ही अंत्योदय उत्थान मेलों का अगला दौर शुरू होगा, जिसमें गरीब युवाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास होंगे। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में 18 विभागों की 48 योजनाएं शामिल की गई हैं, जिनका लाभ युवा उठा सकते हैं।
शादी में 51 हजार का दिया जाएगा शगुन
अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम अगर बीपीएल सूची में है, तो उन्हें कन्या विवाह शगुन योजना के तहत 71 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सभी वर्गों की विधवाओं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, जो बीपीएल सूची में हैं या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है, तो उन्हें शादी में 51 हजार रुपये का शगुन दिया जाएगा।
अनुसूचित जाति के युवाओं सूक्ष्म और लघु उद्योग लगाने के लिए प्लॉटों की कीमत में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। हालांकि, योजना का लाभ उठाने के लिए प्लॉट मिलने के तीन साल के भीतर परियोजना को शुरू करना होगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआई) में प्रवेश लेने वाली तीन लाख रुपये वार्षिक से कम पारिवारिक आय वाली प्रत्येक छात्रा को 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।












