ललित दुबे
वाशिंगटन। अमेरिका में जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटीजनशिप) पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश को झटका लगा है। एक संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर दूसरी देशव्यापी रोक लगाने का आदेश दिया है। जज ने नागरिकता को ‘सबसे कीमती अधिकार’ कहा।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेबोरा बोर्डमैन ने कहा कि देश की किसी भी अदालत ने ट्रंप प्रशासन की 14वें संशोधन की व्याख्या का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह अदालत ऐसा करने वाली पहली नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा, नागरिकता एक अत्यंत मूल्यवान अधिकार है, जिसे संविधान के 14वें संशोधन से स्पष्ट रूप से प्रदान किया गया है।
फेडरल जज ने क्या कहा
जज ने कहा कि नागरिकता एक राष्ट्रीय चिंता है जिसके लिए एक समान नीति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल एक राष्ट्रव्यापी निषेधाज्ञा ही वादी को पूर्ण राहत प्रदान करेगी। बेंच से अपना फैसला पढ़ने के बाद जज ने सरकारी वकील से पूछा कि क्या वह उनके फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। वकील ने कहा कि उनके पास इस सवाल पर तुरंत कोई रुख अपनाने का अधिकार नहीं है।
पहले ही लगा दी गई थी अस्थायी रोक
बर्थराइट सिटीजनशिप पर रोक लगाने संबंधी ट्रंप के आदेश को पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, क्योंकि वाशिंगटन में चार राज्यों की ओर से एक अलग मुकदमा दायर किया गया था, जहां एक जज ने आदेश को ‘स्पष्ट रूप से असंवैधानिक’ कहा था।
कुल मिलाकर, 22 राज्यों के साथ-साथ अन्य संगठनों ने भी कार्यकारी कार्रवाई को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दूसरी बार पदभार संभालते ही कई कार्यकारी आदेश जारी किए थे, जिनमें बर्थराइट सिटीजनशिप पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश भी शामिल था।
ट्रंप प्रशासन अमेरिका में गैरकानूनी स्थिति वाले प्रवासियों या अस्थायी आप्रवासियों के भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों को अमेरिकी नागरिकता प्रदान करने के पक्ष में नहीं है।













