ब्लिट्ज ब्यूरो
कानपुर। यूपी के कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में तैयार की गई धनुष तोप की मारक क्षमता बढ़ेगी। धनुष तोप अब 42 किलोमीटर तक मार करेगी। विदेशों में हॉवित्जर तोप से गोला-बारूद उगलने वाली 52 कैलिबर बैरल का जल्द ही भारतीय सेना इस्तेमाल करेगी। इस बैरल को हॉवित्जर सिस्टम वाली धनुष में इंस्टॉल किया जाएगा। अभी धनुष तोप में लगी बैरल 45 कैलिबर की है जिसकी मारक क्षमता 38 किमी तक है।
कानपुर में बनकर निर्यात हुई यह उच्च मारक क्षमता वाली तोप विदेशों में जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। पहाड़ियों के पीछे टारगेट सेट कर के दुश्मन के ठिकाने ध्वस्त करना हॉवित्जर सिस्टम तोप की खासियत है। धनुष तोप को पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात किया गया है। यह तोप अभी 38 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसमें 52 कैलिबर की बैरल लगने के बाद इससे आसानी से 42 किलोमीटर तक हमला किया जा सकता है।
रक्षा के सार्वजनिक उपक्रम एडब्ल्यूईआईएल के अधीन कानपुर की तीन आयुध फैक्टि्रयां हैं। इनमें फील्ड गन फैक्ट्री, ऑर्डिनेंस और स्माल आर्म्स फैक्ट्री हैं। डीपीएसयू का मुख्यालय कानपुर में है। पिछले तीन साल में एडब्ल्यूईआईएल को विदेशों से बड़ी संख्या में आर्डर मिले हैं। यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, मिडिल ईस्ट,और अफ्रीकी देशों से करीब 16 तरह के निर्यात आर्डर कंपनी को मिल चुके हैं।
फील्ड गन फैक्ट्री को दिया गया सम्मान
भारतीय सेना में परमाणु क्षमता वाली धनुष की बैरल का अपग्रेड वर्जन स्थापित किया गया है। इसमें पहले 39 कैलिबर की 155 एमएम बैरल धनुष में विकसित थी। आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशीकरण और मित्र देशों को रक्षा उत्पादों के निर्यात में अहम भूमिका निभाने पर फील्ड गन फैक्ट्री को नवंबर 2024 में सम्मान दिया गया था।













