आस्था भट्टाचार्य
नई दिल्ली। पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को खत्म करने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान तीनों सेनाओं के संचालन महानिदेशकों ने मीडिया को संबोधित किया। इस प्रेस वार्ता में वायु संचालन महानिदेशक एयर मार्शल एके भारती, सैन्य संचालन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और नौसैनिक संचालन महानिदेशक वाइस एडमिरल एएन प्रमोद मौजूद रहे। तीनों सैन्य अधिकारियों ने अपनी नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प के साथ न केवल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बारे में बताया, बल्कि पाकिस्तान को कड़ा संदेश भी दिया, जिससे उसकी रातों की नीद उड़ गई है। तीनों सैन्य अधिकािरयों का कहना था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जो लक्ष्य तय किए गए थे वे तमाम हासिल हो गए हैं।
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद
नौसैनिक संचालन महानिदेशक, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने 15 जनवरी 2024 को भारतीय नौसेना संचालन के महानिदेशक का पद संभाला था। वे गोवा स्थित नेवल अकादमी के 38वें इंटीग्रेटेड कैडेट कोर्स के पूर्व छात्र हैं और जुलाई 1990 में नौसेना में कमीशन हुए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद हमारी नौसेना के कैरियर बैटल ग्रुप, सबमरीन, सरफेस फोर्स और एविएशन यूनिट्स को उत्तरी अरब सागर में पूरी युद्धक तैयारियों के साथ तैनात किया गया।
वाइस एडमिरल ने बताया कि नौसैनिक बल उत्तरी अरब सागर में अग्रिम मोर्चे पर निरोधक और प्रतिरोधक मुद्रा में तैनात हैं तथा वे कराची सहित समुद्र व जमीन पर हमारे द्वारा चुने गए समय पर चुनिंदा लक्ष्यों पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नौसैन्य अभियान महानिदेशक ने आगे बताया कि नौसेना ने आतंकवादी हमले के 96 घंटों के भीतर अरब सागर में कई हथियारों से गोलीबारी के दौरान समुद्र में रणनीति और प्रक्रियाओं का परीक्षण किया।
उन्होंने बताया, “इसका उद्देश्य हमारे चालक दल, आयुध, उपकरण और प्लेटफॉर्म की तत्परता को पुनः प्रमाणित करना था, ताकि चयनित लक्ष्यों पर विभिन्न आयुधों को सटीकता से गिराया जा सके। डीजीएनओ ने बताया कि 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद वाहक युद्ध समूह को अरब सागर में तैनात किया गया। वाहक युद्ध समूह एक नौसैनिक बेड़ा होता है, जिसमें एक विमानवाहक और उसके साथ आने वाले जहाज शामिल होते हैं। वाइस एडमिरल प्रमोद ने बताया कि भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने पाकिस्तानी नौसेना और वायु इकाइयों को रक्षात्मक मुद्रा में रहने के लिए बाध्य किया, जो ज्यादातर बंदरगाहों के अंदर या उनके तट के बहुत करीब थी।
एयर मार्शल एके भारती वायु संचालन महानिदेशक
एयर मार्शल ए.के. भारती भारतीय वायुसेना में संचालन महानिदेशक हैं। भारती को जून 1987 में फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन मिला था। उन्होंने अक्टूबर 2024 में डीजी एयर ऑपरेशन का पदभार संभाला। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य दुश्मन के ठिकानों पर प्रभावी हमला करना था, न कि शवों की गिनती करना। ये काम उनका (पाकिस्तान) है। हमने जो साधन और तरीके चुने, उन्होंने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया। एयर मार्शल एके भारती ने यहां संवाददाताओं से कहा, हम लड़ाई की स्थिति में हैं और नुकसान लड़ाई का हिस्सा है। सवाल यह है कि क्या हमने आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है? इसका जवाब है, हां। उन्होंने कहा, मैं केवल इतना कह सकता हूं कि हमने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, वे हासिल कर लिए हैं और हमारे सभी पायलट सुरक्षित रूप से घर वापस आ गए हैं। अधिकारी से विदेशी मीडिया में भारतीय लड़ाकू विमानों के नुकसान के बारे में आई खबरों के बारे में पूछा गया था। एयर मार्शल ए.के. भारती ने बताया कि भारत ने निश्चित रूप से कुछ पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया है। उन्होंने कहा, उनके (पाकिस्तान) विमानों को हमारी सीमा के अंदर घुसने से रोक दिया गया। इसलिए हमारे पास मलबा तो नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से हमने कुछ विमानों को मार गिराया है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ)
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई वर्तमान में भारतीय सेना के सैन्य संचालन महानिदेशक हैं। उन्होंने 25 अक्टूबर 2024 को यह पदभार संभाला था। इससे पहले वे चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। पाकिस्तान के डीजीएमओ से 10 मई को दोपहर 3:35 बजे हॉटलाइन पर बातचीत हुई, जिसके बाद 5:00 बजे से संघर्षविराम पर सहमति बनी। लेकिन पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों में इस समझौते का उल्लंघन कर दिया। उन्होंने कहा, अगर पाकिस्तान ने दोबारा उल्लंघन किया, तो भारतीय सेना पूरी ताकत से जवाब देगी। सेना प्रमुख ने हमारे कमांडर को पूरी कार्रवाई की छूट दी है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में उन्होंने बताया कि इसमें युसूफ अजहर, अब्दुल मालिक रऊफ, मुदस्सिर अहमद जैसे कई हाई वैल्यू आतंकवादी मारे गए। कुल 9 आतंकवादी ठिकानों को अत्यधिक सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।













