संजय द्विवेदी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार दिन की सिंगापुर और जापान की यात्रा पूर्ण कर के स्वदेश लौट आए हैं। इन दोनों देशों की यात्रा के दौरान सीएम योगी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की और इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कई अहम समझौते किए।
– जापान संग ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर भी करार
– पैदा होंगे पांच लाख रोजगार के अवसर
सीएम योगी ने बताया कि जापान में हमने विभिन्न कंपनियों के साथ 90 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए हैं। सिंगापुर में 60 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गए हैं। सीएम योगी के दोनों देशों की चार दिवसीय दौरे में ढाई लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। साथ ही, उत्तर प्रदेश ने जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर करार किया है। इससे भारतीय छात्रों को जापान में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के बीच समझौते के तहत भारतीय छात्र जापान की ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को सीख सकेंगे। वे अपने इस ज्ञान का उपयोग टेक्निकल इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू कर पाएंगे। सीएम योगी ने यामानाशी में यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो में प्रदेश की नई विकास नीति, निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के सामने प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि यूपी ने शासन की कार्यशैली को रिएक्टिव से बदलकर प्रोएक्टिव बनाया है। यही परिवर्तन प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
यूपी बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के छात्र जापान में प्रशिक्षण हासिल करेंगे। यूपी सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस की व्यवस्था की है। यूपी और यामानाशी के बीच सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाएगा। सरकार निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधा देने, तकनीक अपनाने, वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में पहल कर रही है। इसी सोच के साथ प्रतिनिधिमंडल जापान की यात्रा पर गया था।
सीएम योगी के दौरे के दौरान जो निवेश प्रस्ताव मिले हैं, इनके जमीन पर उतरने से पांच लाख से अधिक को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की आशा की जा रही है। इसलिए इन्वेस्ट यूपी में जापान डेस्क मजबूत की जाएगी।
इन कंपनियों के साथ एमओयू
उत्तर प्रदेश सरकार ने जापान की इन प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें कुबोटा कार्पोरेशन, स्पार्क मिंडा (सहयोग में टोयो डेंसो), जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और नागासे एंड कंपनी शामिल हैं। वहीं, बी-टू-जी (बिजनेस टू गवर्नमेंट) बैठक में सुजुकी मोटर, होंडा कार्स इंडिया, कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी, मित्सुई एंड कंपनी, रैपिडस कार्पोरेशन, मारुबेनी कार्पोरेशन, सुमितोमो रियलिटी एंड डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और एमयूएफजी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों ने सहभागिता की।
इनमें होगा निवेश
इन कंपनियों के प्रमुख निवेश क्षेत्र कृषि मशीनरी, ऑटो ओईएम एवं कंपोनेंट्स, ऑटो आरएंडडी, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, पावर-टू-गैस, कंप्रेस्ड बायो गैस, ईएसडीएम, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग रहे।
सिंगापुर में भी हुए समझौते
सिंगापुर में भी सीएम योगी का दौरा अत्यंत सफल रहा। इन्वेस्टर रोड शो के दौरान टीम यूपी को एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग पर रजामंदी हुर्इ।
सीएम योगी ने सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों) से मुलाकात कर औद्योगिक, तकनीकी और अवसंरचनात्मक सहयोग को नई दिशा दी। विशेष रूप से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एमआरओ और कार्गो हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
विदेशी दौरा रहा अभूतपूर्व
सीएम योगी के इस दौरे ने साबित किया कि आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्वस्तर पर अत्यंत सकारात्मक है। पारदर्शी नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सिंगापुर और जापान में कुल डेढ़ लाख करोड़ के एमओयू और ढाई लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश अब वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
ओएके ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 3000 करोड़ का एमओयू साइन किया
ओएके ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 3000 करोड़ का एमओयू साइन किया। यह समझौता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक सिंगापुर दौरे के दौरान हुआ जहां उनकी मुलाकात 1-ओएके के एमडी अमृतांशु रॉय से हुई। अमृतांशु रॉय सिंगापुर स्थित ग्रीनफील्ड एडवाइजर के सीओओ भी हैं। ग्रीनफील्ड एडवाइजर, 1-ओएके की मूल कंपनी है और वैश्विक स्तर पर निवेश और विकास से जुड़ी गतिविधियों का संचालन करती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बैठक की जानकारी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साझा करते हुए इसे प्रोडक्टिव मीटिंग बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उच्च-विकास क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, उभरते उद्योगों और दीर्घकालिक पूंजी निवेश पर चर्चा हुई, जो राज्य के तेज आर्थिक विस्तार को मजबूती देगा।
3000 करोड़ रुपये का यह निवेश राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्पिटैलिटी, आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट परियोजनाओं पर केंद्रित होगा। पहले चरण में प्रयागराज, लखनऊ और बरेली में लगभग 250 कमरों वाले तीन 5-स्टार होटल विकसित करने की योजना है। ये होटल व्यापक शहरी विकास योजना का हिस्सा होंगे।
लखनऊ और बरेली में पहले से मौजूदगी
ओएके की उत्तर प्रदेश में पहले से मजबूत उपस्थिति है। लखनऊ में कंपनी दो प्रीमियम आवासीय परियोजनाएं एटमोस और नैचुरा पूरी कर चुकी है जबकि इडेन@1 निर्माणाधीन है। बरेली में कंपनी ने हाल ही में अपना क्षेत्रीय कार्यालय शुरू किया है। यहां तीन अलग-अलग आवासीय परियोजनाओं की योजना है जिनमें नैनीताल–पीलीभीत रोड के पास ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अहलादपुर में एक टाउनशिप और पीलीभीत रोड के निकट एक अन्य आवासीय परियोजना शामिल है।
ओएके के एमडी अमृतांशु रॉय ने कहा ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। 3000 करोड़ का यह निवेश राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास पर हमारे दीर्घकालिक भरोसे को दर्शाता है। हम चरणबद्ध और संतुलित तरीके से हॉस्पिटैलिटी, आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाएं विकसित करेंगे। इन परियोजनाओं को आवश्यक स्वीकृतियों के बाद चरणों में शुरू किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के बाद कहा कि मैं अगस्त में उत्तर प्रदेश में 200 सीईओ के डेलीगेशन को लीड करने के गवर्नर के प्रपोजल का स्वागत करता हूं।
जापान और सिंगापुर दौरे के दौरान हमें दिखा कि रूल ऑफ लॉ, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, टेक्नोलॉजी टू ट्रांसफॉर्मेशन का परिणाम क्या होता है। दुनिया हम पर ट्रस्ट करती है। यही वजह है कि यूपी ने चार दिनों में डेढ़ लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह दौरा प्रदेश को वर्ष 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक और ऐतिहासिक कदम साबित होगा। – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री







