ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेवेन्यू केसों को निपटाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विशेष जोर दिया है। सीएम के निर्देशों का असर है कि इन केसों को तेजी से निस्तारित किया जा रहा है। मामलों की मुख्यमंत्री के स्तर पर मॉनीटरिंग हो हो रही है। हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा होती है।
राजस्व कोर्ट कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में मामलों को निस्तारित किया गया है। वहीं जिला स्तरीय कोर्ट में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। जिला स्तरीय कोर्टों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 15 माह से जौनपुर टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी आई है। सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। सीएम योगी के निर्देश के तहत प्रदेश के डीएम और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं।
राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में पूरे प्रदेश में कुल 3,34,538 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ के डीएम विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,981 मामले निस्तारित किए गए। डीएम ने कहा कि यह पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 14,132 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, आजमगढ़ 9333 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है।
आजमगढ़ डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रहीं हैं। रेवेन्यू कोर्ट में लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निपटाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आजमगढ़ ने फरवरी में राजस्व मामलों के निस्तारण में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह जौनपुर ने 8912 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8378 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
जिला कोर्ट में जौनपुर ने मारी बाजी
जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की फरवरी माह की राजस्व कोर्ट कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व कोर्टों ने बोर्ड के निर्धारित मानक के निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है।







