ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। बेंगलुरू बेस्ड एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी भारत1.एआई ने दुनिया का पहला एआई सिटी बनाने की घोषणा की है। यह एआई सिटी कर्नाटक की राजधानी और भारत के सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरू में बनाया जाएगा। स्टार्ट अप ने बताया कि यह दुनिया की पहली एआईसिटी होगी। इसमें सबसे पहले 5,00,00 वर्ग फीट का बी1 एआई सुपर पार्क बनाया जाएगा। यह एक एआई रिसर्च और इनोवेशन कैम्पस होगा, जिसे बेंगलुरू के सराजपुरा में बनाया जाएगा।
एआई एजेंट्स को मिलेगी रीयल लाइफ ट्रेनिंग
इस शहर की खास बात ये होगी कि इसमें एआई मॉडल को रियल लाइफ एक्सपीरियंस के साथ ट्रेन किया जाएगा। एआई को और बेहतर बनाने के लिए इस एआई सिटी में एआई स्टार्टअप्स के 10 हजार से ज्यादा एआई रिसर्चर्स और एआई इनोवेटर्स के लिए जगह होगी। इस साल के आखिर तक पहले फेज का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसमें एआई सुपर पार्क को डेवलप करना प्राथमिकता होगी।
भारत1.एआई का कहना है कि पहले फेज का मुख्य फोकस सिटी-स्केल वर्ल्ड मॉडल को रीयल-वर्ल्ड कंडीशन में टेस्ट करना होगा। उसके बेसिक इंटेलिजेंस, स्ट्रेस टेस्टिंग आदि का काम इस एआई सिटी में किया जाएगा। यह एआई सिटी ह्यूमैनिटी सेंट्रिक होगा, जिसमें एआई मॉडल को इंसानियत सिखाई जाएगी। इसके अलावा इसमें हाई क्वालिटी मल्टी-मॉडल डेटा के लिए एजेंटिक और फिजिकल एआई सिस्टम के लिए कई लेयर का वैलिडेशन सिस्टम दिया जाएगा। इसमें आधार कार्ड की तरह ही एआई के वैलिडिटेशन के लिए सिस्टम तैयार किया जाएगा।
बी1 सुपर पार्क में भारत के कई लीडिंग इंस्टीट्यूट्स आईआईटी कानपुर, सार्क (सेफ्टी, प्राइवेसी एंड एआई रिसर्च सेंटर, आईआईएससी), बिट्स पिलानी, आईस्पिरिट फाउंडेशन, आईआईटी रोपड़ साथ मिलकर काम करेंगे। इन संस्थानों के रिसर्चर्स इंजीनियर्स और स्टार्ट-अप एक साथ मिलकर रोबोटिक्स, ऑटोनोमस इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और ह्यूमन-मशीन इंटरेक्शन आदि को टेस्ट करने का काम करेंगे।
इस एआई सिटी को बनाने का मुख्य मकसद हाई डेंसिटी कम्प्यूट और सिम्युलेशन तैयार करना है। इसमें 400 जीपीबीएस की स्पीड से इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी। इस एआई सिटी को बनाने में 36 महीने यानी 3 साल का समय लगेगा। सिटी को सुपर पार्क से भी ज्यादा एक्सपेंड किया जाएगा। इसे एआई सिटी टेस्टबेड के तौर पर डेवलप किया जाएगा, जहां एआई मॉडल को ह्यूमिनिटी भी सिखाई जाएगी।
भारत1.एआई
के को-फाउंडर और सीईओ उमाकांत सोनी ने कहा कि हम एआई क्रांति में एक अहम मोड़ पर हैं। इंटेलिजेंस अब लैब से निकलकर समाज के ताने-बाने में आ रही है। वास्तविक दुनिया के माहौल में बिना वैलिडेट किए सिस्टम को स्केल करना एक ऐसा रिस्क है, जिसे हम नहीं उठा सकते।
भारत1.एआई इंसानियत के लिए हमारा मूनशॉट है। असल दुनिया की बुनियादी इंटेलिजेंस बनाने का एक कमिटमेंट जो सुरक्षित, वेरिफाई करने योग्य और इंसानी मूल्यों के हिसाब से हो। बी1 एआई सुपर पार्क एक शहर-स्तरीय वैलिडेशन फ्रेमवर्क बनाने की दिशा में पहला कदम है, जहां एजेंटिक और फिजिकल एआई सिर्फ ताकतवर तरीके से ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से भी विकसित हो सकते हैं।
























