ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ, आई फाउंडेशन ऑफ अमेरिका के संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा गौतमी आई इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. वी.के. राजू ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा है कि दुनिया से बचपन की अंधता समाप्त करना केवल एक चिकित्सा मिशन नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य की रक्षा का संकल्प है।
डॉ. राजू ने कहा कि यह एक वैश्विक सच्चाई है कि 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षा दृष्टि पर निर्भर करती है। यदि किसी बच्चे की दृष्टि कमजोर है या वह अंधता का शिकार हो जाता है, तो उसका पूरा शैक्षणिक और सामाजिक भविष्य प्रभावित हो जाता है। इसलिए बच्चों की आंखों की देखभाल केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि शिक्षा, समान अवसर और मानव विकास का आधार है।
उन्होंने बताया कि आई फाउंडेशन ऑफ अमेरिका और गौतमी आई इंस्टीट्यूट पिछले कई वर्षों से बच्चों की दृष्टि बचाने के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं। इस मिशन के अंतर्गत प्रतिदिन 250 से अधिक बच्चों की आंखों की जांच (स्क्रीनिंग) की जाती है, जिनमें आवश्यकता होने पर मुफ़्त चश्मे वितरित किए जाते हैं ताकि बच्चे स्पष्ट रूप से देख सकें और पढ़ाई में आगे बढ़ सकें।
– आई फाउंडेशन ऑफ अमेरिका और गौतमी आई इंस्टीट्यूट चला रहे मिशन
डॉ. राजू ने विशेष रूप से आरओपी (रेटीनोपैथी आफ प्री मैच्योरिटी) कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में यह बीमारी अंधता का एक बड़ा कारण बन सकती है। सही समय पर स्क्रीनिंग और उपचार से हजारों नवजात शिशुओं की दृष्टि बचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस मिशन की सफलता का सबसे बड़ा आधार वास्तविक सहयोग है। रोटरी इंटरनेशनल, लायंस इंटरनेशनल, डॉक्टरों, अस्पतालों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। डॉ. राजू ने यह भी बताया कि एआईओसी 2026 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बचपन की अंधता को समाप्त करने के लिए जागरूकता और साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस अभियान का लाभ उठा सकें।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा
“हर बच्चे को देखने का अधिकार है। यदि हम मिलकर काम करें, तो दुनिया से बचपन की अंधता को समाप्त करना केवल एक सपना नहीं, बल्कि एक साकार होने वाला लक्ष्य है — एक मिशन, एक संकल्प – ‘वर्ल्ड विदाउट चाइल्डहुड ब्लाइंडनेस’।













