ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल नेविगत दिवस ‘भव्य (भारत औद्योगिक विकास योजना) योजना’ के दिशा-निर्देश लॉन्च कर दिए हैं। इसके तहत सरकार देश भर में 100 इंडस्टि्रयल पार्क विकसित करने की तैयारी कर रही है।
इस योजना के लिए ₹33,660 करोड़ का वित्तीय परिव्यय यानी फाइनेंशियल आउटले तय किया गया है। इससे राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में प्लग-एंड-प्ले इंडस्टि्रयल पार्क के जरिए मैन्युफैक्चरिंग और इन्वेस्टमेंट हब बनाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने करीब दो महीने पहले इस योजना को मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि राज्य सरकारें औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराएंगी।
पीयूष गोयल ने बताया कि पहले दो महीनों में 20 इंडस्टि्रयल पार्कों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद के दो महीनों में अन्य 30 पार्कों के लिए आवेदन लिए जाएंगे, जबकि बचे हुए 50 पार्कों को अगले फेज में शामिल किया जाएगा।
सरकार अगले चार महीनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटीज) से आवेदन आमंत्रित कर रही है। केंद्र सरकार की योजना शुरुआत में 50 इंडस्टि्रयल पार्कों के लिए आवेदन हासिल करने की है, ताकि देश भर में इस योजना को तेजी से लागू किया जा सके।
नेशनल इंडस्टि्रयल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत होगा विकास
इस योजना का उद्देश्य पहले से स्वीकृत जमीन, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटीग्रेटेड सर्विसेज के साथ निवेश के लिए तैयार इंडस्टि्रयल इकोसिस्टम बनाना है। इससे उद्योगों को अपना कामकाज जल्दी शुरू करने में मदद मिलेगी। इन पार्कों का विकास नेशनल इंडस्टि्रयल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम के स्ट्रक्चर के तहत राज्यों और प्राइवेट सेक्टर के प्लेयर्स के साथ मिलकर किया जाएगा।
प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता
सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इन इंडस्टि्रयल पार्कों का आकार 100 से 1,000 एकड़ के बीच होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता देगी।
इस सहायता के तहत आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटीज, ड्रेनेज सिस्टम, कॉमन ट्रीटमेंट फैसिलिटीज, वेयरहाउसिंग, टेस्टिंग लैब्स और श्रमिकों के लिए आवास की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पहाड़ी राज्यों के लिए 25 एकड़ जमीन पर भी इंडस्टि्रयल पार्क को मंजूरी दी जा सकती है।
कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी सपोर्ट
केंद्र सरकार ने मौजूदा ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट के 25 प्रतिशत तक बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट का प्रस्ताव भी दिया है। इस योजना के तहत प्रोजेक्ट का चयन एक चैलेंज-बेस्ड प्रोसेस के जरिए किया जाएगा, जो निवेश के लिए तैयार और रिफॉर्म-ओरिएंटेड प्रस्तावों पर केंद्रित होगा।
राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा ने जताई रुचि
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो राज्य जमीन, पानी और बिजली जैसी बेहतर सुविधाएं देंगे, वे निवेशकों को ज्यादा आकर्षित कर सकते हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा ने इस योजना में रुचि दिखाई है। राज्यों के पास प्राइवेट सेक्टर के प्लेयर्स के साथ साझेदारी करके प्रस्ताव सौंपने का भी प्रावधान है, जिसके तहत केंद्र सरकार ₹50 लाख प्रति एकड़ की सहायता प्रदान करेगी।
राज्यों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम बनाने के निर्देश
जल्दी मंजूरी सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को स्पेशल पर्पज व्हीकल्स स्थापित करने, प्लानिंग अथॉरिटीज को नोटिफाई करने और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम बनाने के लिए कहा गया है।













