• About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact
Friday, April 17, 2026
  • Login
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
No Result
View All Result

बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए मंदिर कोष से पैसा ले सकेगी सरकार

- सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला बदला

by Blitz India Media
May 23, 2025
in Hindi Edition
0
Government will be able to take money from temple fund for Banke Bihari Corridor
Share on FacebookShare on Twitter
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। इसके तहत यूपी सरकार श्रीबांके बिहारी मंदिर से प्राप्त धन का उपयोग कॉरिडोर विकास के लिए पांच एकड़ भूमि के अधिग्रहण में कर सकेगी।

शीर्ष अदालत ने मंदिर निधि का इस्तेमाल इस शर्त पर करने की अनुमति दी है कि अधिग्रहीत जमीन देवता के नाम पर पंजीकृत होगी। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस एससी शर्मा की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को संशोधित करते हुए राज्य सरकार को कॉरिडोर परियोजना के लिए मंदिर निधि के इस्तेमाल की इजाजत दी है। हाईकोर्ट ने मंदिर के आसपास की भूमि के अधिग्रहण के लिए सरकार को मंदिर के धन के उपयोग पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि कॉरिडोर के लिए सरकार की 500 करोड़ रुपये की विकास योजना की जांच करने के बाद मंदिर की सावधि जमा के उपयोग की अनुमति दी। सरकार ने कॉरिडोर विकसित करने के लिए 500 करोड़ से अधिक की लागत वहन करने का बीड़ा उठाया है। हालांकि, सरकार ने भूमि खरीदने के लिए मंदिर के धन के उपयोग का प्रस्ताव रखा था, जिसे हाईकोर्ट ने 8 नवंबर, 2023 को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में उप्र ब्रज योजना और विकास बोर्ड अधिनियम, 2015 का हवाला दिया।

साथ ही यह सुनिश्चित करने में सरकार की भूमिका को स्वीकार किया कि पार्किंग, भक्तों के लिए आश्रय, शौचालय, सुरक्षा चौकियां और अन्य सुविधाएं विकसित करके बुनियादी ढांचे , सुरक्षा और विरासत संरक्षण को प्राथमिकता दी जाती है। कोर्ट ने कहा कि मथुरा और वृंदावन में आरामदायक तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर मथुरा और वृंदावन हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं, इसलिए इस आमद को समायोजित करने के लिए, चौड़ी सड़कें, पार्किंग, धर्मशालाएं, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाएं, जैसे बेहतर बुनियादी ढांचे की तत्काल जरूरत है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मथुरा और वृंदावन ऐतिहासिक शहर हैं और इनका वर्णन अधिकांश धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। पीठ ने कहा कि इनका विकास किसी एक पक्षकार द्वारा नहीं किया जा सकता है।

योजना पूरी तरह लागू करने की अनुमति
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि हम राज्य सरकार को इस योजना को पूरी तरह से लागू करने की अनुमति देते हैं। बांके बिहारीजी ट्रस्ट के पास देवता मंदिर के नाम पर सावधि जमा है। ऐसे में कोर्ट की राय है कि सरकार को प्रस्तावित भूमि का अधिग्रहण करने को सादधि जमा में पड़ी रकम के उपयोग की अनुमति दी जाए।

भगदड़ के बाद कॉरिडोर पर निर्णय
कॉरिडोर के लिए सरकार की विकास परियोजना को कोर्ट की मंजूरी विशेष रूप से बांके बिहारी मंदिर में 2022 की भगदड़ जैसी घटना के आलोक में आई है। उस घटना ने ब्रज क्षेत्र के मंदिरों में व्यापक कुप्रबंधन पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया और इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी मंदिर प्रशासन न केवल एक कानूनी आवश्यकता है, बल्कि सार्वजनिक और आध्यात्मिक कल्याण का भी मामला है।

पीठ ने कहा, यमुना पर ध्यान देने की जरूरत
पीठ ने कहा कि यमुना को हिंदू धर्म में देवी माना जाता है और मृत्यु के देवता यम की बहन के रूप में पूजनीय माना जाता है। उस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कहा कि यमुना को पवित्र करने वाला माना जाता है और उसमें डुबकी लगाने से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं, ऐसे में काशी घाट और विश्राम घाट के विस्तार और जीर्णोद्धार की आवश्यकता है। इसी तरह फूलों की झील जो गोवर्धन पर्वत के पास स्थित है, उसका भी सौंदर्यीकरण जरूरी है।

Related Posts

Education
Hindi Edition

इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के लिए बढ़ीं सीटें

April 17, 2026
नालंदा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी एमबीबीएस और पीजी की सीटें
Hindi Edition

नालंदा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी एमबीबीएस और पीजी की सीटें

April 17, 2026
यूपीपीएससी के फाइनल रिजल्ट में टॉप 20 में 13 महिलाएं
Hindi Edition

यूपीपीएससी के फाइनल रिजल्ट में टॉप 20 में 13 महिलाएं

April 17, 2026
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय शिक्षक भर्ती 2026
Hindi Edition

2.18 लाख तक सैलरी, हिमाचल के केंद्रीय विश्वविद्यालय में बनें प्रोफेसर

April 17, 2026
Gujarat Governor rural outreach program
Hindi Edition

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने देश में कायम की ग्रामीण विकास की अनूठी मिसाल

April 17, 2026
संगीत के सुरों पर सियासत
Hindi Edition

संगीत के सुरों पर सियासत

April 17, 2026
Load More
Next Post
'Muslims are marrying more than once by misusing the provision of Quran'

‘कुरान के प्रावधान का दुरुपयोग कर एक से अधिक शादी कर रहे मुस्लिम’

Recent News

Rajasthan manager Bhinder
News

Rajasthan manager Bhinder fined Rs 1 lakh

by Blitz India Media
April 17, 2026
0

Blitz Bureau NEW DELHI: Rajasthan Royals (RR) team manager Romi Bhinder has been fined Rs 1 lakh and handed an...

Read moreDetails
growth

Construction market to grow 6.9 pc

April 17, 2026
India, China discuss SCO Leaders’ decisions

India, China discuss SCO Leaders’ decisions

April 17, 2026
India welcomes Israel–Lebanon ceasefire

India welcomes Israel–Lebanon ceasefire

April 17, 2026
Ramachandran

World Squash mourns death of ex chief Ramachandran

April 17, 2026

Blitz Highlights

  • Special
  • Spotlight
  • Insight
  • Entertainment
  • Health

International Editions

  • US (New York)
  • UK (London)
  • Middle East (Dubai)
  • Tanzania (Africa)

Nation

  • East
  • West
  • South
  • North
  • Hindi Edition

E-paper

  • India
  • Hindi E-paper
  • Dubai E-Paper
  • USA E-Paper
  • UK-Epaper
  • Tanzania E-paper

Useful Links

  • About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact

©2024 Blitz India Media -Building A New Nation

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

    No Result
    View All Result
    • Blitz Highlights
      • Special
      • Spotlight
      • Insight
      • Entertainment
      • Sports
    • Opinion
    • Legal
    • Perspective
    • Nation
      • East
      • West
      • North
      • South
    • Business & Economy
    • World
    • Hindi Edition
    • International Editions
      • Dubai
      • Tanzania
      • United Kingdom
      • USA
    • Blitz India Business

    ©2024 Blitz India Media -Building A New Nation