ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। यूपीएससी परीक्षा केवल ज्ञान नहीं बल्कि धैर्य अनुशासन और लगातार मेहनत मांगती है। 2022 बैच के आईएएस अधिकारी के अनुसार एक मिनट में कोई भी ब्यूरोक्रेट नहीं बनता है। उन्होंने बताया कि सफलता के लिए यूपीएससी आपसे क्या चाहता है और तैयारी के लिए सही दिशा तय करना कितना जरूरी है।
प्रीलिम्स परीक्षा के मद्देनजर सही दिशा में तैयारी बेहद जरूरी है। सही रणनीति और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स इस कठिन परीक्षा में आगे बढ़ पाते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करते हैं। 2022 बैच के आईएएस अधिकारी अर्पित गुप्ता ने बताया है कि यूपीएससी सिर्फ रटने की परीक्षा नहीं है बल्कि यह उम्मीदवार की सोच, समझ और धैर्य को परखती है।
यूपीएससी आपसे यह नहीं चाहता कि आप कितनी किताबें पढ़ते हैं, बल्कि यह चाहता है कि आप जानकारी को कितनी गहराई से समझकर आगे बढ़ते हैं।
आईएएस अर्पित गुप्ता 2022 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। 10वीं-12वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद 2021 में यूपीएससी परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 54 हासिल की थी। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश कैडर में एसडीओ के रूप में काम कर रहे हैं।
लाखों बच्चे करते हैं कोचिंग
एक वीडियो में अर्पित गुप्ता यूपीएससी परीक्षा को लेकर अपना अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि ‘एक ब्यूरोक्रेट एक मिनट में नहीं बनता है। इस एग्जाम के लिए लाखों बच्चे कोचिंग के लिए जा रहे हैं। डेली बेसिस पर वही चीज पढ़ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने निर्णय लिया था कि उन्हें कोचिंग नहीं ज्वाइन करनी है क्योंकि यूपीएससी की तैयारी में सबसे बड़ा रोल सेल्फ स्टडी का होता है। खुद से तैयारी पर ध्यान देते हुए वह आगे बढ़े।
यूपीएससी क्या चाहता है
अर्पित गुप्ता ने बताया कि लाखों बच्चे यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि यूपीएससी में कौन लोग पीछे छूट रहे हैं या उन 500-600 लोगों में ऐसा क्या है, 10-12 लाख लोगों में नहीं है। यूपीएससी आपसे चाहता है कि खुद से प्लानिंग करनी है, खुद से सीखना है और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कैसे करना है। अगर कोई दूसरा आपको बता रहा है तो वो उसकी स्ट्रैटेजी है, आपकी नहीं।
उनके अनुसार यूपीएससी यह नहीं देखता कि आप कितनी किताबें पढ़ते हैं या किस टाॅपिक को कैसे समझते हैं, बल्कि यह देखता है कि आप किसी जानकारी को कितनी गहराई से समझकर उसे कैसे लागू हैं। लाखों कैंडिडेट्स के बीच चयनित होने वाले उम्मीदवार वे होते हैं जो अपनी रणनीति खुद बनाते हैं और तैयारी करते हैं।
2022 बैच के आईएएस अधिकारी ने दिए टिप्स
अर्पित बताते हैं कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान जब आप सेल्फ स्टडी करते हैं तो कॉन्सेप्ट ज्यादा स्पष्ट होते हैं।
यूपीएससी की तैयारी में सबसे पहले बेसिक को मजबूत करना चाहिए। जब नींव मजबूत होती है तो कठिन टॉपिक्स भी आसानी से समझ आते हैं।
बेसिक किताबों को बार-बार पढ़ना और कॉन्सेप्ट क्लियर करना सफलता की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
पढ़ाई के दौरान महत्वपूर्ण पॉइंट्स को हाइलाइट करना बहुत जरूरी है। इससे रिवीजन के समय पूरा चैप्टर पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती।
छोटे और व्यवस्थित नोट्स बनाना भी तैयारी को आसान बनाता है। यह तरीका समय बचाने और परीक्षा से पहले तेज रिवीजन करने में मदद करता है।
लंबे समय तक लगातार पढ़ाई करने से मानसिक थकान हो सकती है। ऐसे में छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है।
‘पुराने पेपर और अखबार से मिलती है सही दिशा’
अर्पित के अनुसार पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करना बेहद जरूरी है, इससे परीक्षा पैटर्न समझ आता है। साथ ही रोजाना अखबार पढ़ने से करंट अफेयर्स मजबूत होते हैं।
यह दोनों आदतें मिलकर तैयारी को अधिक प्रभावी बनाती हैं और सफलता की संभावना बढ़ाती हैं।













