गुलशन वर्मा
प्रयागराज। महाकुंभ का शुभारंभ हो चुका है। पौष पूर्णिमा पर आज पहले स्नान में शाम 4 बजे तक डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम स्थल पर डुबकी लगाई। अनुमान है कि रात तक यह संख्या दो करोड़ तक पहुंच जाएगी। 12 किमी एरिया में 44 स्नान घाट श्रद्धालुओं से भरे हैं। सिर्फ संगम में हर घंटे 2 लाख लोग स्नान कर रहे हैं। आज से ही श्रद्धालुओं ने 45 दिन का कल्पवास शुरू कर दिया।
संगम पर एंट्री के सभी रास्तों पर भक्तों की भीड़ है। महाकुंभ के चलते वाहनों की एंट्री बंद है। श्रद्धालु बस और रेलवे स्टेशन से 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंच रहे हैं। भीषण ठंड में विदेशी भक्त भी डुबकी लगा रहे हैं। ब्राजील के आए श्रद्धालु फ्रांसिस्को ने कहा- मैं योग का अभ्यास करता हूं। मोक्ष की खोज कर रहा हूं। भारत दुनिया का आध्यात्मिक हृदय है। जय श्रीराम।
– 144 साल बाद बना समुद्र मंथन जैसा दुर्लभ संयोग
60 हजार जवान तैनात
60 हजार जवान सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में लगे हैं। पुलिस कर्मी स्पीकर से लाखों की संख्या में आई भीड़ को मैनेज कर रहे हैं। जगह-जगह कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात हैं।
पैर रखने की जगह नहीं
संगम पर सुबह इतने श्रद्धालु पहुंच गए कि पैर रखने की जगह नहीं थी। एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ पहुंच चुकी हैं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े में अनुष्ठान किया। वह कल्पवास भी करेंगी।
गूगल का खास फीचर
महाकुंभ 144 साल में दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है। महाकुंभ को लेकर गूगल ने भी खास फीचर शुरू किया। महाकुंभ टाइप करते ही पेज पर वर्चुअल फूलों की बारिश हो रही है।
लगातार बढ़ रही भीड़
श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। चारों ओर सिर्फ भीड़ ही नजर आ रही है। ऐसे में मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मी लगातार सीटी बजाकर भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।
भक्तों को माला पहनाकर स्वागत मंत्री ने भक्तों को माला पहनाकर स्वागत किया
शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने महाकुंभ में आने वाले भक्तों का माला पहनाकर स्वागत किया। उनसे शहर और संगम क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की। इससे पहले प्रयागराज नगर निगम की ओर से फायर ब्रिगेड चौराहे से स्वच्छता रैली निकाली गई।
डीजीपी ने बताया
यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि महाकुंभ 2025 का शुभारंभ आज सुबह के स्नान से हो गया है। सुबह नौ बजे तक करीब 60 लाख लोग डुबकी लगा चुके थे। इस बार का कुंभ आस्था और आधुनिकता का संगम है। हम लोगों ने पारंपरिक पुलिस व्यवस्था से हटकर तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था दी है। इस बार कुंभ भव्य, दिव्य, डिजिटल और सुरक्षित हो, इसके लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
ग्रुप में आ रहे श्रद्धालु
मेले में ज्यादातर लोग समूह में आए हैं। समूह का मुखिया अपने साथ एक झंडा रखता है, जिसे देखकर सभी लोग उसके पीछे-पीछे आगे बढ़ते हैं।
संगम क्षेत्र में क्राउड मैनेजमेंट
संगम क्षेत्र में क्राउड मैनेजमेंट के लिए हर चौराहे पर 15 से 20 पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई गई है। सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है।
स्नान के बाद नाचते-गाते हुए घर लौट रहे श्रद्धालु
महाकुंभ में देश की विभिन्न संस्कृतियों का संगम देखने को मिल रहा है। राजस्थान से आए कुछ श्रद्धालु, जिन्होंने पवित्र नदियों में डुबकी लगाकर पुण्य की कामना की, अब नाचते-गाते हुए अपने घर लौट रहे हैं।
7000 बसें
परिवहन विभाग प्रयागराज के लिए 7000 बसें चला रहा है, जबकि प्रयागराज में 300 शटल बसें चल रही हैं। मुख्य स्नान पर परिवहन निगम ने शटल बसों को मुफ्त रखने का फैसला किया है।
हम यहां आकर धन्य हो गए
साउथ अफ्रीका से आईं निक्क ी ने कहा- यह बहुत ही पावरफुल स्थान है। हम यहां आकर धन्य हो गए हैं।
आई लव इंडिया
रुस से आई महिला भक्त ने कहा- भारत एक महान देश है। मैं पहली बार कुंभ आई हूं। मुझे यहां पर असली भारत दिख रहा है। मैं यहां के लोगों की आस्था देखकर अचंभित हूं। आई लव इंडिया।
जर्मनी से प्रवासी भारतीय परिवार के साथ पहुंचे
मैसूर के मूल निवासी और अब जर्मनी में रह रहे जितेश प्रभाकर अपनी पत्नी सास्किया नॉफ और बेटे आदित्य के साथ महाकुंभ में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं यहां (भारत में) रहता हूं या विदेश में, जुड़ाव होना चाहिए। मैं हर दिन योग का अभ्यास करता हूं।
व्यक्ति को जमीन से जुड़े रहना चाहिए। हमेशा अपने भीतर की यात्रा करने की कोशिश करनी चाहिए। उनकी पत्नी सास्किया नॉफ ने बताया- मैं बहुत उत्साहित हूं। मुझे यहां आना हमेशा अच्छा लगता है।
स्पेन से आए भक्त ने कहा- मैं बहुत भाग्यशाली
स्पेन से आए भक्त ने कहा- हम एक आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। मैंने गंगा में पवित्र स्नान किया। इसका भरपूर आनंद लिया। मैं बहुत भाग्यशाली हूं।
सा. अफ्रीका के श्रद्धालु ने कहा- महाकुंभ बहुत सुंदर
साउथ अफ्रीका से आए श्रद्धालु ने कहा- महाकुंभ बहुत सुंदर है। सड़कें साफ हैं। लोग बहुत मिलनसार हैं। हम सनातन धर्म का पालन कर रहे हैं।
कुंभ में स्नान के पुण्य को बताया
ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय ने बताया कि ग्रहों का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें गंगा-यमुना के पवित्र जल में डुबकी लगाने वाले अमृत लाभ और पुण्य की प्राप्ति करेंगे। इससे उनके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा।
प्रयागराज जैसा स्थान पूरे ब्रह्मांड में नहीं
श्रद्धालु पवन कुमार ने बताया- मैं अयोध्या से आया हूं। ये तीर्थ राज प्रयाग है। यह जगह बहुत पवित्र है, ऐसा स्थान पूरे ब्रह्मांड में कहीं नहीं है। इसे तीर्थों का राजा भी माना जाता है।
श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा
महाकुंभ के मुख्य स्नान पर्वों के दिन संतों और श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। इसकी शुरुआत आज से हुई। मकर संक्रांति पर होने वाले अमृत स्नान के दौरान भी पुष्प वर्षा होगी।
हर 10 मिनट पर एक स्पेशल ट्रेन
रेलवे ने प्रयागराज से 199 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी की। संचालन रविवार रात 12 बजे से शुरू किया गया है। रेलवे का उद्देश्य है कि विभिन्न रूटों पर हर 10 मिनट में स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं।
दुर्लभ संयोग
महाकुंभ में 144 साल बाद समुद्र मंथन जैसा दुर्लभ संयोग बन रहा है। बुधादित्य, कुंभ और श्रवण नक्षत्र के साथ ही सिद्धि योग बन रहा है। सूर्य, चंद्र और शनि तीनों ग्रह शनि की राशि मकर और कुंभ में गोचर कर रहे हैं। यह संयोग देवासुर संग्राम के समय बना था।



















