ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। वर्ष 2025 में राज्य से 2376 अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका निर्वासन किया गया है। विधान परिषद में यह जानकारी गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने दी। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर 2 हजार से अधिक अवैध बांग्लादेशियों को निवासित करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य है। अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या के खिलाफ पुलिस कोम्िबंग ऑपरेशन शुरू करेगी और आवश्यकता पड़ने पर स्पेशल टॉस्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
शनिवार को विधान परिषद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कदम ने कहा कि अवैध बांग्लादेशियों को पकड़े जाने पर रखने के लिए राज्य में पहला डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। बीजेपी के प्रवीण दरेकर ने अवैध बांग्लादेशियों यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुंबई में कंस्ट्रक्शन में बड़े पैमाने पर अवैध बांग्लादेशियों की संख्या बढ़ी है। इस पर गृह राज्य मंत्री कदम ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार राज्य इंटेलिजेंस आधारित सूचना के अनुसार प्रत्येक पुलिस स्टेशन में पांच पुलिसवालों की एक विशेष टीम नियुक्त की गई है। एटीएस और स्थानीय पुलिस टीम के साथ समन्वय कर जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जाती है।
अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पिछले पांच सालों में कार्रवाई का आंकड़ा पेश करते हुए कदम ने कहा कि वर्ष 2021 में 109, 2022 में 77, 2023 में 127, 2024 में 202 और 2025 में 2376 अवैध बांग्लादेशियों को निर्वासित किया गया।
केंद्र सरकार के नए निर्देश के अनुसार अवैध बांग्लादेशियों को पकडे जाने के बाद उनके खिलाफ मामला न दर्ज कर सीधे बीएसएफ को सौंप दिया जाए इससे कार्रवाई में तेजी आई है। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले मजदूरों की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशन में देना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं महानगर पालिका और पुलिस द्वारा फेरीवालों के कागजातों की जांच की जा रही है।












