ब्लिट्ज ब्यूरो
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य सूचना आयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए 2 नए राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी राजपत्र के अनुसार आलोक नागर और राजेश भट्ट को राज्य सूचना आयुक्त बनाया गया है। इन नियुक्तियों के बाद आयोग में लंबित आरटीआई मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इतना रहेगा कार्यकाल
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार दोनों नियुक्तियां सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 15 की उपधारा (2) के तहत की गई हैं। नवनियुक्त सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से 3 साल या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा या जो भी पहले होगा, उसी के अनुसार कार्यकाल तय होगा।
राज्यपाल की सहमति के बाद जारी हुआ नोटिफिकेशन
सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 अप्रैल 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह आदेश राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है और अवर सचिव सचिन्द्र राव द्वारा हस्ताक्षरित है। जानकारी के अनुसार नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब दोनों नवनियुक्त सूचना आयुक्तों का जल्द ही शपथ ग्रहण कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की सहमति से तय हुए नाम
इन नियुक्तियों से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच बैठक हुई थी। इसी बैठक में दोनों के नामों पर सहमति बनी थी। इसके बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर राज्यपाल की मंजूरी ली गई और अब आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। आलोक नागर फर्म एवं सोसायटी के पूर्व रजिस्ट्रार और राजेश भट्ट आकाशवाणी के पूर्व कार्यक्रम प्रभारी रह चुके हैं।
आयोग में लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी
सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से राज्य सूचना आयोग की कार्यक्षमता बढ़ेगी। वर्तमान में आयोग में 1 मुख्य सूचना आयुक्त और 3 सूचना आयुक्त कार्यरत हैं। अब 2 नए आयुक्तों के जुड़ने से आरटीआई से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।













