ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश और विदेश के लोगों से अपने विचार साझा किए। यह कार्यक्रम का 132वां एपिसोड और वर्ष 2026 का तीसरा प्रसारण था।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से साझा किया कि जब समाज स्वयं पहल करता है, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन जाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण सामने आ रहे हैं। मोदी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए एक प्रेरक प्रयास का जिक्र किया। वहां सिर्फ एक घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाए गए और इस प्रयास ने ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ कायम किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस काम की सबसे खास बात यह थी कि हजारों लोग एक साथ जुटे। छात्र, जवान, स्वयंसेवी संगठन और विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर इसे संभव बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह जनभागीदारी का स्वरूप पहले से ही ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में दिखाई देता है। अभियान के तहत पूरे देश में करोड़ों पेड़ लगाए गए, जो पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के लक्ष्य को साकार करने में मदद कर रहे हैं।
जल संरक्षण पर भी दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से जल संरक्षण को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और यह समय जल संरक्षण के संकल्प को दोहराने का है। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में ‘जल संचय अभियान’ ने देशभर में लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया है। इस अभियान के तहत करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचयन संरचना बनाए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने खुशी व्यक्त की कि अब गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर जल संकट से निपटने के प्रयास शुरू हो गए हैं। कई स्थानों पर पुराने तालाबों की सफाई की जा रही है और बरसात के पानी को सहेजने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मोदी ने बताया कि अमृत सरोवर अभियान के तहत देशभर में लगभग 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इन सरोवरों की साफ-सफाई भी शुरू हो गई है, जिससे जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
मोदी ने कहा कि त्रिपुरा की जंपुई पहाड़ियों में स्थित वांगमुन गांव 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा है और कभी पानी की गंभीर कमी से जूझ रहा था। गर्मियों में गांव के लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते थे। प्रधानमंत्री ने बताया कि गांव वालों ने बारिश के पानी को सहेजने का संकल्प लिया।
आज लगभग हर घर में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हो गया है और यह गांव अब जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बन चुका है। मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में किसानों ने छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को खेतों में संरक्षित किया। इससे पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर चला गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज इस मॉडल को 1200 से अधिक किसान अपना चुके हैं और क्षेत्र का ग्राउंड वॉटर लेवल काफी बेहतर हो गया है। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गांव का उदाहरण भी साझा किया। गांव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोख गड्ढे बनाए और पानी संरक्षण का एक जन-आंदोलन खड़ा किया।
शुगर और तेल की मात्रा पर रखें नियंत्रण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब 100 दिन से भी कम समय में आने वाला है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस जी अपने अरविंद योग सेंटर के माध्यम से योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वे वहां के कई और स्थानों पर भी लोगों को योग सिखाते हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हैं।
मोदी ने सोशल मीडिया से जुड़े उदाहरण भी साझा किए। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ की पोस्ट पर उनके पिता के शुगर सेवन को कम करने के अनुरोध पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी। इससे उनके पिता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भी आग्रह किया कि वे शुगर का सेवन कम करें और खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कटौती करें। उन्होंने कहा कि यह छोटे-छोटे कदम हमारे स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
पीएम मोदी ने दी बधाई
जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने 7 दशकों बाद जीती रणजी ट्रॉफी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को क्रिकेट के मैदान से जुड़ी हालिया उपलब्धियों पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह महीना देशभर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा है। भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।
पिछले महीने कर्नाटक के हुबली में हुए रोमांचक मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी अपने नाम की। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह टीम करीब 7 दशकों के इंतजार के बाद अपना पहला रणजी खिताब जीतने में सफल रही। टीम के कप्तान पारस डोगरा ने अपने नेतृत्व और कौशल से इस जीत में अहम योगदान दिया।
जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। यह चुनौतीपूर्ण समय है। जो इस पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है।– पीएम मोदी













